हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग
को लेकर धरने पर बैठी गुड़िया
सीतामढ़ी/परसौनी : परसौनी थाना क्षेत्र के परसौनी मैलवार नीलामी टोला वार्ड 15 में शनिवार की सुबह दो सगे भाइयों की निर्मम हत्या के बाद इलाका दहल गया.
वहीं एक पल में स्व पुरेंद्र कुमार का बागवान बिखड़ गया और दुनिया की भीड़ में गुड़िया अकेली रह गयी. छह माह पूर्व हीं परसौनी थाना के गिसारा निवासी राम किशुन भगत की पुत्री गुड़िया की शादी स्व पुरेंद्र कुमार के बड़े पुत्र रजनीश कुमार रंजन उर्फ मुन्ना के साथ हुई थी. मुन्ना व गुड़िया गांव पर आराम की जिंदगी गुजार रहे थे. जबकि उसका देवर रमण नई दिल्ली में एमबीए की पढ़ाई कर रहा था. गुड़िया के सास-ससुर की मौत पहले ही हो चुकी थी. लिहाजा तीन लोगों का ही यह परिवार था.
गुड़िया अपने देवर की शादी की तैयारी में थी. हाल ही में दिल्ली से रमण गांव आया था. इसी बीच शनिवार की सुबह काल की आंधी इस कदर बहीं की एक साथ दो लाशें उठी. इस परिवार में केवल अकेली गुड़िया ही रह गयी है. जिसके लिए पति व देवर की मौत सदमे से कम नहीं है.
भूमि विवाद में रिश्तों का खून नयी बात नहीं: सीतामढ़ी . जिले में भूमि विवाद की घटनाएं थम नहीं रहीं है. भूमि विवाद में रोजाना आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो रहीं है. कहीं मारपीट तो कहीं हिंसक झड़प. इसी बीच समय-समय पर भूमि विवाद में रिश्तों के खून का भी मामला सामने आता रहा है. मुट्ठी भर जमीन के लिए लोग अपनों का ही खून पी जा रहे है. कहीं भाई हीं भाई तो कहीं पुत्र पिता की हत्या कर रहा है. लिहाजा अपनों के खून से भूमि लाल हो रहीं है.
भूमि विवाद की घटनाओं पर गौर करे तो पिछले साल भूमि विवाद के 500 से अधिक मामले थानों तक पहुंचे, वहीं 2000 से अधिक मामले कोर्ट में दर्ज किये गये. पिछले साल भूमि विवाद में 17 लोगों की हत्या कर दी गयी. जबकि इस साल अब तक भूमि विवाद में आठ लोगों की जान जा चुकी है. हाल हीं में सरकार ने अंचल निरीक्षक व थाना पुलिस को प्रत्येक शनिवार को थाना स्तर पर कैंप लगा कर भूमि विवाद की घटनाओं के निष्पादन का आदेश दिया था. बावजूद इसके थानों में न तो नियमित रूप से कैंप लग रहे है और नहीं मामलों का निष्पादन हीं हो रहा है.
