सीतामढ़ी : समाज में हिंसक प्रवृत्ति इतनी बढ़ती जा रही है कि बात-बात पर लोग मरने-मारने पर उतारू हो जाते हैं. यहां तक कि लालच में आकर लोग अपने माता-पिता, भाई-बहन व अन्य रिश्तेदारों के साथ भी हिंसा करने से बाज नहीं आ रहे हैं. समाज के लिए यह चिंता का विषय बनता जा रहा है.
मंगलवार को भी इस तरह के दो मामले सामने आये हैं. सुरसंड थाना क्षेत्र के कररवाना गांव में रामदेव सिंह ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर वृद्ध मां, विधवा भावो, दिव्यांग भाई व उसकी पत्नी को बेरहमी से मारपीट कर जख्मी कर दिया. जख्मी बनारसी देवी, विधवा संजू देवी, दिव्यांग श्यामकिशोर सिंह व उसकी पत्नी कुसमी देवी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. नगर पुलिस ने दिव्यांग श्यामकिशोर सिंह का बयान दर्ज किया है.
इसमें रामदेव सिंह, राजकुमारी देवी व राजा कुमार समेत अन्य को आरोपित किया है. बताया है कि आरोपित बड़े भाई रामदेव सिंह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिल कर बराबर मारपीट करता रहता है. घर व जमीन-जायदाद छोड़कर भाग जाने को कहता है. मंगलवार को भी इसी बात को लेकर आरोपितों द्वारा गाली-गलौज की जा रही थी. इसका विरोध करने पर चारों के साथ मारपीट की गयी.
उधर सोनबरसा थाने के हनुमान नगर गांव में मामूली विवाद को लेकर स्थानीय सोहित मांझी ने अपनी पत्नी के साथ मिल कर छोटे भाई रोहित मांझी व उसकी पत्नी पुकारी देवी को मारपीट कर जख्मी कर दिया. दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भरती कराया गया है. नगर थाना पुलिस ने पीड़ित का बयान दर्ज किया है, जिसमें सोहित मांझी व सुनीता देवी को आरोपित किया गया है. बताया है कि उसकी बकरी आरोपित का घास खा गयी. इसी बात को लेकर आरोपित गाली-गलौज करने लगा. इसका विरोध करने पर पति-पत्नी के साथ मारपीट की गयी.
कररवाना में मां, भाई व भावज समेत चार को किया जख्मी
हनुमाननगर में भी भाई, भावज काे िकया घायल
गार्ड व चालक में मारपीट, तीन गिरफ्तार: सोनबरसा . स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार की शाम जेनेरेटर में डीजल रखने को लेकर ठेकेदार के चालक व मौजूद गार्ड के बीच जबरदस्त मारपीट हुई. मारपीट में चालक समेत दो गार्ड को चोटें आयी है. सूचना पर थानाध्यक्ष फूलदेव चौधरी सशस्त्र बल के साथ पहुंच कर छानबीन की. वहीं पीएचसी को ईंधन उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे नानपुर निवासी फूलबाबू के अलावा पीएचसी के दोनों गार्ड गुड्डु कुमार एवं रामप्रवेश साह को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि मौका भांप कर तेल पहुंचाने का काम कर रहा पिकअप वैन चालक पवन साह फरार हो गया. गार्ड की रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार को पीएचसी प्रभारी डॉ संजय रतन, डॉ अजय कुमार गुप्ता, डॉ सुनील कुमार, डॉ अनवारूल हक, डॉ हैदर अली, रमेश कुमार के अलावा बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता व कर्मी थाना पहुंचे. पीएचसी प्रभारी ने दोनों गार्ड को बिना शर्त रिहा करने की मांग कर रहे थे.
