प्रेम प्रसंग में 23 फरवरी की रात बोखड़ा प्रखंड के भाउर गांव में हुई थी सुभाष गुप्ता की हत्या
सीतामढ़ी/बोखड़ा : बोखड़ा प्रखंड के भाउर गांव में 23 फरवरी की रात हुई किराना व्यवसायी सुभाष गुप्ता हत्याकांड में अब नया मोड़ आ गया है. पुलिसिया तहकीकात में पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे है.
पुलिस को शक है कि इंद्रासन देवी ने सुभाष गुप्ता की हत्या अपने रिश्तेदारों के साथ मिल कर की है और अपने रिश्तेदारों को बचाने के लिये उसने पवन शाही व विशाल कुमार साह का नाम घसीटा है. शक की सबसे बड़ी वजह 23 फरवरी को बहन की शादी की रात सुभाष की हत्या होना है. सुभाष की बहन की शादी रून्नीसैदपुर प्रखंड के थुम्मा गांव में हुई है. जबकि इंद्रासन देवी के बहन-बहनोई का घर भी थुम्मा गांव में है.
पुलिस के अनुसार बरात में भाउर आये इंद्रासन के बहनोई समेत अन्य रिश्तेदार भी आये रहे होंगे. जिनके साथ मिलकर इंद्रासन देवी ने सुभाष की हत्या कर दी होगी.
बाद में पकड़े जाने पर उसने काल्पनिक कहानी रच कर विशाल व पवन को फंसा दिया. हालांकि पुलिस इस तथ्य को पूरी तरह सही भी नहीं मान रहीं है. लेकिन इसके मद्देनजर थुम्मा निवासी इंद्रासन के बहनोई समेत अन्य रिश्तेदारों को पूछताछ के लिये हिरासत में लेने की तैयारी कर रहीं है. पुलिस इंद्रासन के मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर उन लोगों से भी पूछताछ करने की तैयारी में है, जिनसे 22 फरवरी से 24 फरवरी तक इंद्रासन की बात हुई थी. उधर, हत्या के इस वारदात में इंद्रासन द्वारा किये गये खुलासे के आधार पर पुलिस पवन शाही व विशाल कुमार साह की तलाश में लगातार छापेमारी कर रहीं है. मामले के अनुसंधानक नानपुर थानाध्यक्ष ललन कुमार द्वारा लगातार इस मामले की तफ्तीश जारी है. प्राथमिकी में नाम आने के बाद विशाल व पवन फरार चल रहे है.
सुभाष हत्याकांड: क्या है मामला
बोखड़ा प्रखंड के भाउर गांव में 24 फरवरी की सुबह किराना व्यवसायी सुभाष गुप्ता का शव मिला था. एक दिन पूर्व उसके बहन की शादी थी. 24 फरवरी को बहन की डोली विदा होने के चंद घंटे बाद ही भाई का शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया था. पुलिस ने श्वान दस्ते की मदद ली, जिसमें खोजी कुत्ते ने इंद्रासन देवी व पवन शाही को चिन्हित किया था. पुलिस ने शक के आधार पर इंद्रासन देवी से पूछताछ शुरू की. पुलिसिया दबाव में इंद्रासन देवी ने पुलिस के समक्ष सारा सच उगल दिया. बताया कि विशाल व पवन की तरह सुभाष गुप्ता के साथ भी उसके संबंध थे. विशाल अक्सर मोबाइल पर इंद्रासन देवी से बात करने लगा. दोनों के बीच नजदीकी बढ़ गयी. बाद में विशाल ने ही पवन शाही व सुभाष गुप्ता का इंद्रासन देवी से मोबाइल पर संपर्क कराया था. इसके बाद पवन व सुभाष का इंद्रासन देवी से करीबी संबंध हो गया. दोनों उसके घर आने-जाने लगे. जबकि विशाल ने दूरी बना ली. इधर, सुभाष गुप्ता मोबाइल पर इंद्रासन देवी से की गयी बातचीत को रिकॉर्ड करने लगा और बाद में कॉल रिकॉर्डिंग सुना कर उसे ब्लैकमेल करने लगा. इंद्रासन इससे परेशान थी. जेल से निकलने के बाद इंद्रासन देवी ने पवन को सारी जानकारी दी. बाद में इंद्रासन ने पवन व विशाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. तीनों ने मिलकर 23 फरवरी की रात सुभाष की हत्या कर दी, वहीं शव को खेत में फेंक दिया था.
एक नजर घटनाक्रम पर
23 फरवरी : बोखड़ा प्रखंड के भाउर गांव में किराना व्यवसायी सुभाष गुप्ता की बहन काजल की शादी. रून्नीसैदपुर थाना के थुम्मा गांव से आयी थी बरात.
24 फरवरी : भाउर गांव स्थित शिव मंदिर के पास खेत से मिला सुभाष गुप्ता का शव. पुलिस ने ली श्वान दस्ते की मदद. खोजी कुत्ते ने पवन शाही व इंद्रासन देवी को किया चिन्हित. पुलिस ने इंद्रासन देवी को लिया हिरासत में, पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंपा, आठ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज.
25 फरवरी : फॉरेंसिक विभाग की टीम पहुंची भाउर, की मामले की जांच, पूछताछ में इंद्रासन देवी ने स्वीकारी सुभाष गुप्ता से अवैध संबंध की बात, विशाल व पवन के साथ मिलकर सुभाष गुप्ता की हत्या की स्वीकारी बात.
26 फरवरी : इंद्रासन देवी का बयान दर्ज कर पुलिस ने भेजा जेल, तहकीकात जारी.
