बगैर निबंधन प्ले स्कूलों का नहीं होगा संचालन

डुमरा : निजी स्कूल व कोचिंग संस्थानों की तर्ज पर अब जिले में चल रहे प्ले स्कूलों का भी निबंधन होगा. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के आदेश के आलोक में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने अब प्ले स्कूलों के निबंधन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है. इसके […]

डुमरा : निजी स्कूल व कोचिंग संस्थानों की तर्ज पर अब जिले में चल रहे प्ले स्कूलों का भी निबंधन होगा. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के आदेश के आलोक में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने अब प्ले स्कूलों के निबंधन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है. इसके तहत आगामी सत्र से ही प्ले स्कूलों का निबंधन अनिवार्य हो गया है. आयोग द्वारा 3 से 6 आयु वर्ग के बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा में एकरूपता लाने व बच्चों के अधिकारों के हनन को रोकने के लिये प्ले स्कूलों के निबंधन कराने का आदेश जारी किया है. इसके तहत जिला स्तर पर गठित बाल अधिकार संरक्षण इकाई में प्ले स्कूल संचालकों को निबंधन के लिये आवेदन देना होगा.

आवेदन के आलोक में दो सदस्यीय जिला स्तरीय टीम प्ले स्कूलों का निरीक्षण करेगी. 22 बिंदुओं पर जांच कर टीम अपना प्रतिवेदन सौंपेगी. जिसमें मापदंड पूरा करने वाले प्ले स्कूलों को निबंधन प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा. बगैर निबंधन के चलने वाले प्ले स्कूल को अवैध माना जायेगा, साथ ही नियमानुकूल संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी. जिला प्रशासन के इस ताजातरीन आदेश के बाद जिले के प्ले स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है.
निबंधन को जरूरी मापदंड : प्ले स्कूलों के निबंधन के लिये राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मापदंड तय किये है. इसके तहत वैसे प्ले स्कूलों का ही निबंधन किया जायेगा, जिनके पास पर्याप्त भूमि व व्यवस्थित मकान होगा. स्कूल में चहारदीवारी होगी. स्कूल में स्वच्छता व सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होगी. प्रति 20 बच्चों पर एक शिक्षक व एक दाई रखना जरूरी होगा. बच्चों के लिये विश्रामालय, खेल का मैदान, शौचालय, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होगी. स्कूल में दिव्यांग बच्चों के लिये विशेष सुविधा से लैश शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य है. इसके अलावा प्ले स्कूल में स्कूल व बच्चों की निगरानी के लिये सीसीटीवी,
मनोरंजन के लिये टीवी, आडियो सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, पुस्तकालय के साथ मेडिकल सुविधा की व्यवस्था अनिवार्य होगी. स्कूलों में प्रत्येक तीन माह पर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण कराने व अभिभावक व बच्चे के स्वास्थ्य का रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था होगी. प्ले स्कूलों में शैक्षणिक कार्यक्रम की अवधि अधिकतम 3 से 4 घंटे होगी.
ऐसे मिलेगा निबंधन प्रमाणपत्र : जिला प्रशासन ने प्ले स्कूलों के निबंधन के लिये आइसीडीएस के डीपीओ को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. प्ले स्कूल संचालक नोडल पदाधिकारी को आवेदन देंगे. स्कूल संचालक द्वारा निबंधन के लिये दिये गये आवेदन के साथ शपथ पत्र देना होगा. जिसमें यह बताना होगा की उनके विरुद्ध बालश्रम, पोक्सो अधिनियम व किशोर न्यायालय के तहत कोई मामला दर्ज नहीं है. आवेदन के आलोक में जिला स्तर से गठित दो सदस्यीय टीम प्ले स्कूलों का भ्रमण कर 22 बिंदुओं पर जांच करेगी. इसके बाद मापदंड पालन करने वाले प्ले स्कूलों को निबंधन पत्र जारी किया जायेगा. मापदंड नहीं पालन करने वाले प्ले स्कूल को बंद कर दिया जायेगा.
शुरू होगी पहल : सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक गोपाल शरण ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश के आलोक में जिले में संचालित प्ले स्कूलों का निबंधन अनिवार्य कर दिया गया है. इसके लिये आइसीडीएस के डीपीओ व डीइओ को पत्र भेजा गया है. शीघ्र ही बैठक का आयोजन कर प्ले स्कूलों के निबंधन कराने की पहल शुरू की जायेगी.
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के आदेश पर जिला प्रशासन ने कसी कमर
आयोग ने प्ले स्कूलों के निबंधन के लिए तय किये मापदंड
जिला बाल अधिकार संरक्षण इकाई में निबंधन के लिए देना होगा आवेदन
प्रशासन की ओर से गठित दो सदस्यीय टीम करेगी 22 बिंदुओं की जांच

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