नप . बरसात के दिनों में आती है शामत, नहीं होती है समय पर सफाई
सीतामढ़ी : नगर पंचायत, डुमरा में सड़क किनारे बने नाला दुकानदारों के कब्जे में है. चाहे किराना दुकानदार हो, अंडे की दुकान हो या फिर फुटपाथी होटल व अन्य दुकानें. जिला मुख्यालय स्थित कचहरी रोड, डुमरा बाजार व शंकर चौक के अलावा अधिकांश जगहों के नालों का यही हाल है.
उक्त दुकानदारों द्वारा नाले पर डाले गये स्लैब पर ही दुकान लगा लिया गया है. हद तो यह कि कई दुकानदारों द्वारा नाले को मिट्टी से जाम कर दुकान पर आने-जाने के लिए रास्ता हीं बना दिया गया है. खास बात यह कि नगर पंचायत के जिस-जिस नालों पर स्लैब नहीं डाला गया है, वह तमाम नाला दुकानदारों के लिए डस्टवीन के रूप में उपयोग कर रहे है. यानी दुकानदार अपनी दुकानों से निकलने वाले कचड़े को नाले में ही ठिकाना लगा देते हैं, जिसके कारण तमाम खुला हुआ नाला कचरा व पॉलीथीन से भरा रहता है. नाला जाम रहने व समय से नालों की सफाई नहीं होने के चलते बरसात आते ही नगर पंचायत के लोगों पर शामत आ जाती है.
यानी दुकानदारों द्वारा जाम किये गये नाले से उत्पन्न होने वाली परेशानियों का सामना दुकानदारों को भी करना पड़ता है, बावजूद स्थानीय लोगों व नगर पंचायत के पदाधिकारियों की आंखें नहीं खुल रही है. बरसात के दिनों में कचहरी समेत अन्य सरकारी कार्यालय जलमग्न हो जाता है. यहां तक कि आम दिनों में भी चापाकलों से निकलने वाले पानी की निकासी भी नहीं हो पाती है. स्थानीय दिनेश कुमार, संकेत कुमार, आशीष कुमार व राहुल कुमार समेत अन्य ने बताया कि नाली पर स्लैव नहीं होने के चलते दुकानदारों द्वारा नाले में ही कचरा डाल दिया जाता है. नाला जाम रहने व उसकी समय पर सफाई नहीं होने के चलते बरसात के दिनों में लोगों के घरों व दफ्तरों में पानी घुस जाता है.
शंकर महतो व विकास कुमार ने बताया कई नालों पर स्लैब नहीं डाला गया है, जिसके चलते आये दिन लोग नाले में गिरकर जख्मी होते रहते हैं. यहां बता दे कि समय-समय पर जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया जाता है, लेकिन कुछ समय बितने के बाद स्थिति ज्यों की त्यों हो जाती है.
