रीगा : ईखोत्पादक संघ के एक प्रतिनिधि मंडल ने रीगा चीनी मिल के प्रबंध निदेशक ओम प्रकाश धानुक से मिल कर ईख मूल्य भुगतान समेत किसानों की अन्य समस्याओं पर प्रकाश डाला.
इस दौरान किसान नेताओं ने प्रबंध निदेशक पर समस्याओं के समाधान के दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने का जबरदस्त दबाव बनाया. किसान नेताओं ने साफ-साफ कहा कि अगर ईंख कास्तकारों के मेहनत की कमाई का समय पर भुगतान नहीं हुआ तो किसान मजबूर होकर आंदोलन पर उतारू होंगे. हालांकि बातचीत के दौरान सुखद स्थिति यह बनी कि प्रबंध निदेशक ने फरवरी माह में किसानों के बीच 25 करोड़ के भुगतान का वादा किया.
कहा कि बीते साल की चीनी व जैविक खाद के बकाया राशि का भुगतान भी फरवरी माह में हीं हर हाल में सुनिश्चित कर लिया जायेगा. संघ के अध्यक्ष नागेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा घटतौली की शिकायत पर तत्काल चीनी लदी ट्रक व ईंख लदे ट्रैक्टर को कांटा पर लाया गया. दो जगहों पर तौल कर पाया गया कि वजन सही था. प्रतिनिधि मंडल ने भुगतान को नियमित करने ईंख रोपाई का लक्ष्य निर्धारित कर किसानों को सहुलियत देने पर जोर डाला.
वार्ता के दौरान श्री धानुका ने राज्य सरकार पर 11 करोड़ रुपये बकाया का भुगतान व केंद्र सरकार द्वारा चीनी के निर्यात का मुद्दा उठाया. उन्होंने किसानों से साफ़-सुथरा ईंख मिल में पहुंचने का अनुरोध किया. बातचीत में इस बात पर सहमति बनी की साझा मुद्दे पर केंद्र सरकार व राज्य सरकार के सामने साझा प्रयास किया जायेगा.
वार्ता के दौरान मिल के मुख्य महाप्रबंधक पियूष कोटिया, जनसंपर्क पदाधिकारी विनय कुमार झा के अलावा किसान नेता प्रसिद्ध नारायण सिंह, लखन्देव ठाकुर, गुणानंद चौधरी, गंगा प्रसाद सिंह, मदन मोहन ठाकुर, अनूठा लाल पंडित, राज मंगल सिंह, अशोक ठाकुर, रामजपु यादव व महेश्वर सिंह मौजूद थे.
