सीताामढ़ी/परिहार : परिहार के तत्कालीन बीइओ विजय कुमार सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी है. साथ हीं उन्हें निलंबन मुक्त कर दिया गया है.
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने जारी आदेश में कहा हैं कि श्री सिंह को निलंबन अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता छोड़ कोई भुगतान देय नहीं होगा. यानी उन्हें नौ माह से अधिक का वेतन नहीं मिलेगा. इतना हीं नहीं, बीइओ को तीन वेतनवृद्धि पर भी रोक लगा दी गयी है. उन पर प्रशासनिक लापरवाही बरतने का आरोप था.
क्या हैं पूरा मामला : डीपीओ स्थापना ने 14 जनवरी 2016 को बीइओ के खिलाफ सरकार को रिपोर्ट की थी, जिसमें बताया गया था कि श्री सिंह द्वारा वित्तीय अनियमितता व अापराधिक षड्यंत्र रचा गया था. रिपोर्ट के आलोक में निदेशालय में उन से 26 फरवरी 2016 को स्पष्टीकरण पूछा था और आरोपों से बचाव की बाबत उनका तर्क मांगा था.
बीइओ द्वारा निर्धारित अवधि के अंदर स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया. तब सरकार ने माना कि बीइओ पर लगाया गया आरोप प्रथम दृष्ट्या सच है. निदेशालय में छह अप्रैल 2016 को उन्हें निलंबित कर दिया. विभागीय कार्यवाही का आदेश दिया गया. आरडीडीइ, मुजफ्फरपुर संचालन पदाधिकारी बनाये गये.
उन्होंने 8 जुलाई 2016 को विभागीय कार्यवाही पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी. समीक्षा में निदेशालय ने पाया कि परिहार प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय, रैनपुर टोला रमनैका व प्राथमिक विद्यालय, जगदर उर्दू के प्रधान शिक्षकों द्वारा छात्रवृत्ति राशि के लिए, जो अधियाचना प्रखंड कार्यालय भेजी गयी थी, उसकी जांच बीइओ को करनी चाहिए थी. जांच न कर अधियाचना की समेकित रिपोर्ट तैयार कर जिला कल्याण कार्यालय भेज दिया गया. इससे स्पष्ट होता हैं कि बीइओ द्वारा लापरवाही व उदासीनता बरती गयी.
