काला िबल्ला लगा कर किया काम

आक्रोश. डॉक्टरों पर हो रहे हमले के विरोध में फूटा गुस्सा, सुरक्षा की उठी मांग डॉक्टर पर हो रहे हमले के विरोध में जिले के तमाम सरकारी-गैर सरकारी डॉक्टरों ने जताया आक्रोश मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट व जस्टिस मैथ्यूज कमेटी की अनुशंसा को लागू कराने की मांग की सीतामढ़ी : डॉक्टरों लगातार बढ़ रहे हमलों से […]

आक्रोश. डॉक्टरों पर हो रहे हमले के विरोध में फूटा गुस्सा, सुरक्षा की उठी मांग

डॉक्टर पर हो रहे हमले के विरोध में जिले के तमाम सरकारी-गैर सरकारी डॉक्टरों ने जताया आक्रोश
मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट व जस्टिस मैथ्यूज कमेटी की अनुशंसा को लागू कराने की मांग की
सीतामढ़ी : डॉक्टरों लगातार बढ़ रहे हमलों से नाराज जिले के तमाम सरकारी-गैर सरकारी चिकित्सकों ने देशव्यापी आंदोलन के तहत मंगलवार को काला बिल्ला लगा कर विरोध जताया.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के संयुक्त आह्वान पर चिकित्सकों ने जहां काला बिल्ला लगा कर कर्तव्यपालन करते हुए सरकार के प्रति आक्रोश जताया, वहीं चिकित्सकों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग उठायी. साथ ही मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट व जस्टिस मैथ्यूज कमेटी की अनुशंसा को लागू कराने की मांग सरकार से की. वहीं देशभर में चिकित्सकों की हो रहीं हत्या, अपहरण व रंगदारी की घटना पर नाराजगी जतायी.
पुलिस-प्रशासन द्वारा बगैर जांच चिकित्सकों को गिरफ्तार करने या हिरासत में लिये जाने को असंवैधानिक करार दिया. सदर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में अस्पताल अधीक्षक डॉ शकील अंजुम समेत अन्य चिकित्सकों ने सरकार से नीतियों में बदलाव लाने की मांग की, अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी. जिला मलेरिया पदाधिकारी डाॅ आरके यादव ने सीतामढ़ी सदर अस्पताल में उपाधीक्षक के पद पर तैनात डाॅ बबन कुंवर से गया में रंगदारी मांगे जाने व रंगदारी नहीं दिये जाने पर बदमाशों द्वारा हत्या की धमकी दिये जाने की घटना की निंदा की.
उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद में डाॅ बंसल के नर्सिंग होम में हमले तथा पुणे में बगैर जांच एक चिकित्सक को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने को लेकर रोष जताया. उन्होंने कहा कि देश का चिकित्सक भले ही लोगों की जिंदगी बचाता है, लेकिन सच्चई यही है कि आज चिकित्सक समाज खुद खतरे में है. रोजाना देश के किसी न किसी हिस्से में चिकित्सकों पर हमले हो रहे हैं.
उन्होंने सदर अस्पताल व पीएचसी से लेकर निजी क्लिनिक व नर्सिंग होम के चिकित्सकों को भी सुरक्षा मुहैया कराये जाने की मांग की. मौके पर डाॅ केके साहू, डाॅ प्रदीप शरण, डाॅ मनोज कुमार, डाॅ शिवेश भारती, डाॅ मनोरंजन कुमार, डाॅ प्रमोद कुमार, डाॅ केपी देव, डाॅ सीबी
प्रसाद, डाॅ अब्दुल बासित, डाॅ संगीता झा, डाॅ रजनी सिन्हा, डाॅ दीपा सिंह थे.
नीतियों में बदलाव हो, अन्यथा होगा आंदोलन

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