दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी
डुमरा कोर्ट : अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-छह ने मंगलवार को आर्म्स एक्ट के एक मामले में दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद खूंखार नक्सली नवल किशोर सहनी को सश्रम कारावास की सजा सुनायी है.
25 आर्म्स एक्ट में एक वर्ष एक माह एवं 26 आर्म्स एक्ट में एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी गयी है. फैसला में बताया गया है कि दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी. मामले में सरकार पक्ष की ओर से अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी श्याम सुंदर सर्राफ ने पक्ष रखा. बताया गया है कि 25 नवंबर 2013 को रून्नीसैदपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष गोरख राम को गुप्त सूचना मिली थी कि गिद्धा मेला में शामिल होने के लिए नक्सली सुभईगढ़ गांव में छिप कर रह रहा है. इस सूचना पर सुभईगढ़ में छापेमारी की गयी. भागने के क्रम में नवल किशोर सहनी को पकड़ा गया. उसके पास से देसी कट्टा एवं तीन जिंदा कारतूस बरामद किया गया था.
