मातम में बदल गया जश्न का माहौल

सीतामढ़ी/पुपरी : अवसर था हजरत पैगंबर के जन्म दिवस पर आयोजित जश्न का, लेकिन पल भर में ही जश्न का मंजर मातम में बदल गया. हादसा हुआ बरगछिया गांव में, लेकिन मातमी सन्नाटे में डूब गया गंगटी गांव. पुपरी थाना क्षेत्र के गंगटी गांव से सोमवार को हजरत मुहम्मद साहब की जयंती पर निकाली गयी […]

सीतामढ़ी/पुपरी : अवसर था हजरत पैगंबर के जन्म दिवस पर आयोजित जश्न का, लेकिन पल भर में ही जश्न का मंजर मातम में बदल गया. हादसा हुआ बरगछिया गांव में, लेकिन मातमी सन्नाटे में डूब गया गंगटी गांव.
पुपरी थाना क्षेत्र के गंगटी गांव से सोमवार को हजरत मुहम्मद साहब की जयंती पर निकाली गयी जुलूस का जश्न बरगछिया गांव में पहुंचते ही मातम में बदल गया. बरगछिया गांव के पास सड़क से गुजर रहे विद्युत प्रवाहित 11 हजार वोल्ट तार के संपर्क में आने के चलते पुपरी थाना क्षेत्र के गंगटी निवासी मो रमजानी नदाफ के 40 वर्षीय पुत्र मो. मोसीम नदाफ की मौत हो गयी. इस हादसे में तीन अन्य भी जख्मी हो गए. जबकि हादसे के दौरान मची अफरातफरी में दर्जन भर लोग चोटिल हो गए. जुलूस में शामिल लोग व पिक अप वैन पर लगाए गए लंबे-लंबे झंडे के विद्युत तार के संपर्क में आने के चलते हुए इस हादसे के बाद अफरातफरी मच गयी.
लोग बदहवास होकर भागने लगे. कुछ देर तक लोगों को पता भी नहीं चला कि क्या हो रहा है. बाद में स्थानीय लोगों ने जैसे-तैसे घायलों को अस्पताल पहुंचाया. जहां मोसिफ नदा की मौत हो गयी. तीन अन्य का इलाज जारी है. इस वारदात के बाद गंगटी गांव में मातमी सन्नाटा है. जबकि पोस्टमार्टम के लिए शव लेकर सदर अस्पताल पहुंचे परिजनों के क्रंदन से माहौल गमगीन दिखा. मोसिफ की मौत के बाद पूरा परिवार बदहवास है. उसकी मौत के बाद पिता रमजानी नदाफ का सहारा छीन गया है
तो मोसिफ की दो माह की बेटी के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है. बेटे की मौत के बाद मां रौशन खातून बदहवास है. जबकि पत्नी सबीना खातून दो मासूम बच्चों के साथ चीत्कार मार रहीं थी. मोसिफ तीन भाइयों में सबसे बड़ा था. लिहाजा उस पर पूरे परिवार के परवरिश की जिम्मेदारी थी. वह बहुत कम उम्र में ही मुंबई चला गया था. मुंबई में नौकरी कर वह अपने परिवार का परवरिश कर रहा था. उसकी पत्नी सबीना खातून, तीन वर्षीया बेटी मिनी खातून व दो माह की बेटी भी मुंबई में ही रहती थी. हाल ही में वह पत्नी व बच्चों के साथ गांव आया था. इसी बीच सोमवार को वह हादसे का शिकार बन जिंदगी गंवा बैठा.
परिजनों की आंखों से नहीं सूख रहे आंसू
मोहम्मद साहब की जयंती पर निकाले गये जुलूस के दौरान गंगटी में हुई घटना
करंट लगने से हुई मोसिफ नदाफ की मौत के बाद परिजनों के बिखर गये अरमान
मुंबई में नौकरी कर परिवार की परवरिश कर रहा था मोसिफ
मोसिफ की मौत के बाद टूटा बूढ़े बाप का सहारा
दो माह के मासूम के सिर से उठा पिता का साया

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >