आइओ की गलती से कातिल को बेल

नानपुर थाना कांड संख्या-223/16 का मामला, कलीम की हत्या मामले का आरोपित है मो महफूज डुमरा कोर्ट (सीतामढ़ी) : नानपुर थाने की पुलिस की लापरवाही से हत्या के मुख्य आरोपित को कोर्ट से जमानत मिल गयी. एसडीजेएम पुपरी ने थाना कांड संख्या-223/16 के नामजद व मुख्य आरोपित मो महफूज को दो दिसंबर को जमानत पर […]

नानपुर थाना कांड संख्या-223/16 का मामला, कलीम की हत्या मामले का आरोपित है मो महफूज

डुमरा कोर्ट (सीतामढ़ी) : नानपुर थाने की पुलिस की लापरवाही से हत्या के मुख्य आरोपित को कोर्ट से जमानत मिल गयी. एसडीजेएम पुपरी ने थाना कांड संख्या-223/16 के नामजद व मुख्य आरोपित मो महफूज को दो दिसंबर को जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया. कांड के आइओ राम चरित्र दास समय पर आरोप-पत्र दाखिल नहीं कर सके जिससे अभियुक्त को इसका लाभ मिल गया. मालूम हो कि नानपुर थाना क्षेत्र के इसलामपुर गांव निवासी मो मुर्तुजा ने अपने 10 वर्षीय पुत्र मो कलीम की बेरहमी से हत्या कर दिये जाने को लेकर एक सितंबर को मुकदमा दर्ज करायी थी.
उसने बताया था कि उसका पुत्र 30 अगस्त को अचानक गायब हो गया जिसके बाद एक सितंबर को उसके पुत्र का शव गांव के ही मौराहा में क्षत-विक्षत स्थिति में पाया गया. इसके उपरांत ग्रामीण मो महफूज, मो वसीम, गुलशन खातून, सैलू जिन्नत, मो नसीम, मो वसीम एवं मो शमीम को आरोपित किया गया. पुलिस ने मामले में महफूज समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. अपने स्वीकारोक्ति बयान में महफूज ने मो कलीम की हत्या कर दिये जाने की बात कबूल किया था. मामले के आइओ शायद यह भूल गये कि मो महफूज को गिरफ्तार हुए 90 दिन हो गये.
कानून में ऐसा प्रावधान है कि यदि गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर संबंधित कांड में आरोप-पत्र नहीं किया गया तो अभियुक्त को जमानत की सुविधा दी जा सकती है. आइओ के मामले में आरोप-पत्र दाखिल नहीं करने पर महफूज को अंतत: जमानत की सुविधा मिल गयी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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