नानपुर (सीतामढ़ी) : नोटबंदी का असर ग्रामीण इलाकों में अभी भी देखने को िमल रहा है. वहां करेंसी की कमी है. नानपुर इलाके के लोगों का सब्र जबाव दे गये. इन्होंने उत्तर िबहार ग्रामीण बैंक में पैसा नहीं होने से नाराज होकर उग्र प्रदर्शन िकया और शाखा में तालाबंदी कर दी. ये लोग सात िदन से िबना पैसे के वापस लौट रहे थे. तालाबंदी से पहले इन लोगों ने बैंक से अिधकािरयों व कर्मचािरयों को बाहर िनकाल िदया. इन लोगों ने बैंक पर मनमानी का आरोप लगाया.
नानपुर में कैश की कमी पर लोगों का फूटा गुस्सा
नानपुर (सीतामढ़ी) : नोटबंदी का असर ग्रामीण इलाकों में अभी भी देखने को िमल रहा है. वहां करेंसी की कमी है. नानपुर इलाके के लोगों का सब्र जबाव दे गये. इन्होंने उत्तर िबहार ग्रामीण बैंक में पैसा नहीं होने से नाराज होकर उग्र प्रदर्शन िकया और शाखा में तालाबंदी कर दी. ये लोग सात िदन […]

लोगों का कहना था कि नोटबंदी के बाद से लोग भुगतान के लिए बैंक पहुंच रहे हैं,
नानपुर में कैश
लेकिन कैश नहीं होने की बात कह उन्हें लौटा दिया जा रहा है. सात दिनों से लगातार लोग बैंक पहुंच रहे हैं, लेकिन बैंक द्वारा ग्राहकों को रटा-रटाया जवाब दे रहे हैं. मंगलवार को भी लोग बैंक पहुंचे. बैंक खुलने से पूर्व ही कतार में लग गए थे. जैसे ही बैंक खुली, शाखा प्रबंधक ने कैश का अभाव बता वापस जाने की बात कही. इसके बाद लोग नाराज लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी. इस दौरान लोगों ने बैंक कर्मी व अधिकारी को बाहर कर बैंक में ताला जड़ दिया.
लोगों ने बैंक के सामने घंटों प्रदर्शन किया और इसके बाद अपने घरों को वापस लौट गये.
बैंक के शाखा प्रबंधक चंदन कुमार ने बताया कि मुख्यालय द्वारा नानपुर शाखा को जितना कैश चाहिए, उतना उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. नोटबंदी के बाद अब तक मुख्य शाखा से 15 लाख रुपये ही उपलब्ध कराये जा सके हैं. रोजाना सैकड़ों लोग नगद के लिए बैंक पहुंच रहे हैं. बताया कि कैश उपलब्ध नहीं होने की वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सात िदन से लौट रहे थे ग्रामीण