जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने मामले की सुनवाई के बाद बीडीओ को पाया दोषी
15 दिनों के भीतर विधवा ददरून खातून को आवास उपलब्ध कराने का दिया आदेश
सीतामढ़ी : धोखाधड़ी कर एक विधवा को आवास के लाभ से वंचित करने के मामले की सुनवाई करते हुए जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने जहां बेलसंड बीडीओ को दोषी
करार दिया है, वहीं बीडीओ के
खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश दिया है.
साथ ही आवेदिका बेलसंड प्रखंड के ओलीपुर निवासी विधवा ददरून खातून को 15 दिनों के भीतर आवास का लाभ दिये जाने का आदेश दिया है. जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने कार्रवाई से संबंधित पत्र बेलसंड बीडीओ व एसडीओ के अलावा डीएम को भी भेजा है. बताते चले की ददरून खातून को बीपीएल सूची में 11 अंक मिले है. लेकिन उसे इंदिरा आवास का लाभ नहीं दिया गया. जबकि 11 अंक वाले अन्य लोग इसका लाभ लेने में कामयाब रहे.
बाद में जब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सूची जारी की गयी तो इसमें भी उसे आस के लाभ से वंचित कर दिया गया. इसके खिलाफ विधवा ने लोक शिकायत निवारण अधिनियम कानून का सहारा लेते हुए एसडीओ बेलसंड को अर्जी दी. इसी बीच पंचायत रोजगार सेवक ने उससे एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिया.
लेकिन एसडीओ ने बीडीओ द्वारा भेजे गये प्रतिवेदन जिसमें आवास के लाभ के लिए चयन के दौरान विधवा के अन्यत्र रहने को आधार बना कर वाद को खारिज कर दिया. इसके बाद विधवा ने प्रथम अपीलीय प्राधिकार में वाद दर्ज करा कर न्याय की गुहार लगायी. जिसकी सुनवाई करते हुए जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने यह आदेश दिया है.
आरोपित को उम्रकैद
