सुबह से पहुंचने लगे थे ग्रामीण

सीतामढ़ी : जगत जननी माता सीता व श्रीराम के विवाह उत्सव में भाग लेने के लिए रविवार के सुबह से हीं लोग सीताकुंड व जानकी स्थान मंदिर पहुंचने लगे थे. विवाह उत्सव को लेकर शहर की विभिन्न सड़कों पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं व पुरुष हाथ में झोला लिये लंबे पांव मंदिर की ओर बढ़े […]

सीतामढ़ी : जगत जननी माता सीता व श्रीराम के विवाह उत्सव में भाग लेने के लिए रविवार के सुबह से हीं लोग सीताकुंड व जानकी स्थान मंदिर पहुंचने लगे थे. विवाह उत्सव को लेकर शहर की विभिन्न सड़कों पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं व पुरुष हाथ में झोला लिये लंबे पांव मंदिर की ओर बढ़े जा रहे थे. कोई महिला गोद में बच्चे को संभाले थे तो कोई सिर पर गठरी. श्रद्धालुओं की चेहरे पर भगवान राम व सीता माता के विवाहोत्सव में शामिल होने के लिए गजब की उत्साह दिख रहा था.

इन भीड़ में कुछ लोग पड़ोसी जिले मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा के अलावा पड़ोसी देश नेपाल की लोग भी शामिल थे. रक्सौल से आयी ममता देवी ने बतायी कि वह दर्जनों लोगों के साथ ट्रेन से विवाहोत्सव में शामिल होने के लिए सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन आयी है. वहां टेंपों वाले में कुछ अधिक किराया की मांग की तो सभी लोग पैदल ही भगवान के द्वार तक जाने के लिए चल पड़ी. इसी प्रकार दोपहर बाद आस-पास के लोग के अलावा विभिन्न जिले के लोग टेंपो, बस, बाइक से मंदिर परिसर पहुंच रहे थे. शाम होते हीं हजारों की संख्या में लोग जानकी स्थान व सीताकुंड मंदिर पर पहुंचे थे.

इधर, विभिन्न प्रकार के हरे-पीले व लाल रंगों के बल्बों से दुल्हन की तरह सजी मंदिर लाजवाब दिख रही थी. मंदिर परिसर में बज रहे कल्पना की गीत ‘बूढ़ा बाबा के पाकल-पाकल दाढ़ी देखन में छोटन लगे खाय तीन थाली, जैसी गीतों से मंदिर परिसर भक्ति में डूबा था.

वर्षों तक वन में घूम…

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >