विकास की नीतियों के केंद्र में नहीं हैं आमजन व खेतिहर

सम्मेलन. किसान व मजदूरों की समस्याओं पर हुई चर्चा सीतामढ़ी : सर्वोदय व सर्वसेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महादेव विद्रोही ने कहा कि सरकारों की नीति गांधी तथा आमलोगों से अलग है. विकास की नीतियों के केंद्र में आम जन तथा खेतिहर नहीं है. मंगलवार को नगर स्थित खादी भंडार परिसर में बापू के चंपारण […]

सम्मेलन. किसान व मजदूरों की समस्याओं पर हुई चर्चा

सीतामढ़ी : सर्वोदय व सर्वसेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महादेव विद्रोही ने कहा कि सरकारों की नीति गांधी तथा आमलोगों से अलग है. विकास की नीतियों के केंद्र में आम जन तथा खेतिहर नहीं है. मंगलवार को नगर स्थित खादी भंडार परिसर में बापू के चंपारण सत्याग्रह के सौवें वर्ष के उपलक्ष्य में सर्वोदय मंडल के जिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के बड़े उद्योगपतियों का 11 लाख 40 हजार करोड़ रुपये को बट्टा खाता में डाल कर उन्हें राहत दिया जाता है,
जबकि आम किसान, मजदूर अपने उत्पाद की कीमत नहीं मिलने को लेकर आत्महत्या करता है तथा रोजगार के लिए पलायन करता है. श्री विद्रोही ने चंपारण, वारदोली तथा खेड़ा सत्याग्रह की चर्चा करते हुए कहा कि विदेशी सत्ता को सत्याग्रह से गांधी ने झुकाया पर हमें तो सत्याग्रह के रास्ते अपने सवालों तथा ग्राम स्वराज्य को लाने के लिए आगे आना होगा.
सभी गांधीवादियों को एकजुट होकर गांधी विचार को बढ़ाना होगा. उन्होंने कहा कि गांधी विचार तथा सत्याग्रह को बढ़ाने के लिए अगले वर्ष चंपारण में सर्वोदय का राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाया जायेगा. राष्ट्रीय सचिव विजय भाई ने शिक्षा तथा किसानों की उपेक्षा पर विस्तार से प्रकाश डाला. इस मौके पर प्रांतीय अध्यक्ष त्रिभुवन नारायण सिंह ने बिहार में सर्वोदय मंडल के कार्यक्रमों को बढ़ाने तथा उसके विस्तार पर प्रकाश डाला.
गांधी विचार की मजबूती पर बल
आगत अतिथियों का स्वागत सर्वोदय मंडल के जिला मंत्री हरिनारायण सिंह तथा खादी ग्रामोद्योग संघ के मंत्री रामबल्लभ राय ने किया. एसएलके कॉलेज की छात्रा पूजा, अलका, विजया भारती तथा ज्योति ने स्वागत गान प्रस्तुत कर तालियां बटोरी. कवि सुरेश लाल कर्ण तथा प्रभाकर प्रसाद ने गांधी जी पर कविता पाठ प्रस्तुत किया. सम्मेलन के प्रारंभ में सर्वोदय मंडल के जिलाध्यक्ष डॉ आनंद किशोर ने चंपारण सत्याग्रह, वैश्वीकरण के चलते खेती, किसानी, रोजी-रोजगार जल-जंगल पर व्याप्त संकट की विस्तार से चर्चा की. उन्होंने समस्याओं के समाधान के लिए गांधी विचार की मजबूती पर बल दिया.
सर्वोदय मंडल का जिला सम्मेलन
पांच प्रस्तावों को मिला समर्थन
डॉ किशोर ने सीतामढ़ी के किसानों तथा नदियों की समस्याओं की चर्चा करते हुए सम्मेलन में प्रस्ताव रखा, जिसे सदस्यों ने ताली बजा कर समर्थन किया. प्रस्ताव में जिले के दर्जनों नदियों में प्रकृत प्रदत्त पानी का सिंचाई के लिए इस्तेमाल, लखनदेई नदी में शीघ्र प्रवाह कायम किये जाने, बेलसंड-रून्नीसैदपुर के बीच के 20 हजार एकड़ जलजमाव प्रभावितों को मुआवजा तथा जलनिकासी की शीघ्र कार्रवाई समेत अन्य बिंदु शामिल है. सम्मेलन में सत्यनारायण सिंह, आफताब अंजुम बिहारी, प्रो मुरारी शरण, नंदकिशोर
मंडल, ताराकांत झा, लालबाबू मिश्र, ब्रजमोहन मंडल, अभय कुमार सिंह, अजय प्रसाद, रामाशंकर झा, मुकेश कुमार, पारसनाथ सिंह, उमेश्वर प्रसाद सिंह, महेंद्र ठाकुर,
जीवनाथ साफी, रामसेवक सिंह, शाहिद अली अंसारी समेत अन्य लोगों ने भी
अपने-अपने विचार रखे.

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