सीतामढ़ी : दिल में किसी की याद का जलता हुआ दीया, दुनिया की आंधियों में भला वो बुझेगा क्या’. चर्चित हिंदी फिल्म के इस गाने के चरितार्थ किया है बथनाहा थाने के मोतनाजे गांव के एक प्रेमी जोड़े ने. दोनों ने शादी के बाद भी अपने इश्क को जिंदा रखा. जमाने ने साथ-साथ जीने नहीं दिया, तो जहर खाकर दोनों ने साथ मरने की ठानी. गांव से फरार होकर दोनों सीतामढ़ी पहुंचे, जहां एक होटल में पनाह ली. अपने दर्द बांटे और एक साथ मरने का फैसला किया.
सीतामढ़ी के होटल में प्रेमी जोड़े ने खाया जहर, भरती
सीतामढ़ी : दिल में किसी की याद का जलता हुआ दीया, दुनिया की आंधियों में भला वो बुझेगा क्या’. चर्चित हिंदी फिल्म के इस गाने के चरितार्थ किया है बथनाहा थाने के मोतनाजे गांव के एक प्रेमी जोड़े ने. दोनों ने शादी के बाद भी अपने इश्क को जिंदा रखा. जमाने ने साथ-साथ जीने नहीं […]

इसके बाद होटल के कमरे में ही दोनों ने जहर खा लिया. जहर पीने के बाद जब जीने की तमन्ना जगी, तो लड़खड़ाते कदम सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है. अजब प्रेम की गजब कहानी का यह मामला किस मोड़ पर पहुंचता है यह तो दोनों के होश में आने के बाद ही तय हो पाएगा. हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी नगर थाना पुलिस
सीतामढ़ी के होटल
को दे दी है. जो जानकारी मिली है उसके अनुसार बथनाहा थाना के महुआबा मोतनाजे गांव निवासी जितेंद्र कुमार का गांव की ही एक लड़की के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था. दोनों एक-दूसरे को अपना मान चुके थे. दोनों ने शादी करने की ठानी ही थी कि उनके मुहब्बत को जमाने की नजर लग गयी. प्यार के दुश्मनों व समाज के लोगों के साथ परिजनों ने प्रेमी-प्रेमिका को एक नहीं होने दिया. दोनों के घरवालों ने अलग-अलग शादी रचा दी, लेकिन दोनों ने अपनी मुहब्बत को जिंदा रखा. शादी के बाद भी दोनों का प्रेम परवान चढ़ता रहा. आखिरकार जमाने से नजर बचा कर चार दिन पूर्व दोनों गांव से फरार हो गये और सीतामढ़ी शहर के एक होटल में ठहरे. इस दौरान परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी. दोनों को लगा कि जमाना उन्हें जीने नहीं देगा, तो जहर खाने का फैसला कर िलया.
चार दिन पहले घर से भाग
कर सीतामढ़ी आये थे दोनों
बथनानाहा के मोतनाजे गांव के रहनेवाले हैं प्रेमी व प्रेमिका