िजले के कई बैंकों में घट गया कैश नोटबंदी. बंद एटीएम से बढ़ रही परेशानी

बैंकों में पैसे की निकासी को लेकर लोगों की भीड़ कम नहीं होती दिख रही है. कई एटीएम में पैसे नहीं होने के कारण लोग बैंकों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन वहां भी जरुरत के हिसाब से पैसे कम मिल रहे हैं. इससे लोगों को िदक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सीतामढ़ी : […]

बैंकों में पैसे की निकासी को लेकर लोगों की भीड़ कम नहीं होती दिख रही है. कई एटीएम में पैसे नहीं होने के कारण लोग बैंकों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन वहां भी जरुरत के हिसाब से पैसे कम मिल रहे हैं. इससे लोगों को िदक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

सीतामढ़ी : पुराने 500 व एक हजार के नोटों पर पाबंदी लगे करीब 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन जिले के करीब 24 बैंकों के करीब सवा सौ शाखाओं व इससे भी अधिक एटीएम पर अभी भी लंबी-लंबी कतारें लग रही है. मंगलवार को भी विभिन्न बैंकों व एटीएम में लंबी-लंबी कतारें दिखी. रुपये की निकासी को लेकर हर जगह लोगों में अफरातफरी देखा गया.
कई लोगों के पास जरूरी खर्चे के लिए पैसे नहीं है तो कई किसानों के पास खेती के लिए जरूरी पैसे नहीं है. बैंकों व एटीएम में ऐसे लोगों की ही कतार लग रही है. इसके अलावा कई घरों में शादियां भी है. बावजूद सभी लोगों को सफलता नहीं मिल पा रही है. शहर के आधे से भी अधिक एटीएम बंद रहा.
वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआइ, आइसीआइसीआइ बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया व एक्सिस बैंक समेत अन्य बैंक के कुछ एटीएम से लोगों को रुपये निकासी करने का अवसर मिला, लेकिन वह पर्याप्त नहीं था. कई बंद पड़े एटीएम पर लोगों को एटीएम के खुलने का इंतजार करते देखा गया. बैंकिंग व्यवस्था के अब तक पटरी पर नहीं लौटने का असर शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों समेत अन्य व्यवसायों पर साफ दिखाई दिया. शहर में पंद्रह दिन पूर्व जैसी रौनक अब तक नहीं लौट पायी है. वहीं ग्रामीण क्षेत्र में किसानों के समक्ष भी परेशानी लगातार बनी हुई है.
एसबीआइ ने शादी वाले चार परिवारों को किया भुगतान
सीतामढ़ी. एसबीआइ बाजार शाखा के प्रबंधक अजित कुमार झा से मिली जानकारी के अनुसार वहां करीब दो दर्जन वरिष्ठ नागरिकों के पुराने नोट बदले गये. करीब 350 लोगों ने अपने अकाउंट में राशि जमा कराया तो करीब 400 लोगों ने रुपये की निकासी की.
करंट अकाउंट वालों को 50 हजार व बचत खाता वालों को 24 हजार रुपये की निकासी की छूट दी गयी. वहीं, शादी वाले चार परिवारों को क्रमश: 1.15 लाख, 2.50 लाख, 1.80 लाख व 1.20 लाख रुपये का भुगतान किया गया. प्रबंधक श्री झा ने बताया कि शादी के नाम पर उसे ही भुगतान दिया जा रहा है, जिसके खाते में 8 सितंबर तक राशि डाली गयी थी. प्रबंधक ने बताया कि शादी के नाम पर राशि की निकासी करने आये एक व्यक्ति को लौटा दिया गया, क्योंकि नोट बंदी के बाद उसके द्वारा 49-49 हजार रुपये चार बार में डाला गया. खाताधारी ने उक्त राशि में से ऑन लाइन बैंकिंग माध्यम से कुछ खरीदारी की और शेष राशि करीब 1.28 लाख रुपयेकी निकासी शादी के नाम पर मंगलवार को करने आया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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