सांप व कुत्तों ने लोगों का जीना किया हराम

सीतामढ़ी : जिले में सर्पदंश व कुत्ते के काटने की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है. सांप व कुत्तों का खौफ इस कदर है कि गांव से शहर तक लोग दहशत के साए में जीने को विवश है. लगातार बढ़ रहीं घटनाओं ने लोगों का जीना हराम कर दिया है. सर्पदंश की ज्यादातर घटनाएं […]

सीतामढ़ी : जिले में सर्पदंश व कुत्ते के काटने की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है. सांप व कुत्तों का खौफ इस कदर है कि गांव से शहर तक लोग दहशत के साए में जीने को विवश है. लगातार बढ़ रहीं घटनाओं ने लोगों का जीना हराम कर दिया है. सर्पदंश की ज्यादातर घटनाएं ग्रामीण इलाकों में शौच के दौरान हो रहीं है.

वहीं गांव से लेकर शहर तक हर गली और चौराहा आवारा कुत्तों के गिरफ्त में है, लिहाजा कुत्ता काटने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही है. जिले के अस्पतालों से मिले आंकड़ों पर गौर करे तो अक्टूबर माह में जिले में कुत्ता काटने के 1855 मामले सामने आए है, जबकि इसी अवधि में सर्पदंश का आंकड़ा 226 है. इनमें सदर अस्पताल में कुत्ता काटने के 716 व सर्पदंश के 206 मामले सामने आए. सदर अस्पताल में सर्पदंश के 206 मामलों के अलावा बथनाहा में 14, बेलसंड में एक व सुरसंड में पांच मामले सामने आए हैं. जबकि कुत्ता काटने के सर्वाधिक 716 मरीज अकेले सदर अस्पताल में भरती किए गए. दूसरे पायदान पर रून्नीसैदपुर पीएचसी है,
जहां अक्टूबर माह में रैबीज के 184 मरीज भरती किए गए. जबकी तीसरे स्थान पर परिहार पीएचसी है, जहां 164 मरीज भरती किए गए. उधर, बैरगनिया में 159, बाजपट्टी में 94, बथनाहा में 27, बेलसंड में 114, डुमरा में 52, नानपुर में 111, पुपरी में 67, रीगा में 30, सोनबरसा में 48, सुरसंड में 18, परसौनी में नौ, सुप्पी में 25 व बोखड़ा में रैबीज के 37 मरीज भरती किए गए. मेजरगंज व चोरौत में अक्टूबर में कुत्ता काटने का एक भी मामला सामने नहीं आया. इसकी जानकारी सदर अस्पताल स्थित जिला सर्वेक्षण इकाई के जिला इपिडेमियोलाजिस्ट एसके रघुवंशी ने दी है. वहीं बताया है कि सितंबर माह में जिले में सर्पदंश के कुल 298 मामले सामने आए थे, इनमें 279 मरीजों का इलाज सदर अस्पताल में किया गया था. जबकि सितंबर माह में जिले में रैबीज के कुल 1618 मामले सामने आए थे, इनमें 681 मरीजों का इलाज सदर अस्पताल में कराया गया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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