सीतामढ़ी : लोहिया विचार मंच की बैठक नगर स्थित लोहिया आश्रम में अध्यक्ष ईश्वर चंद्र मिश्र अधिवक्ता की अध्यक्षता में हुई. बैठक में भारत सरकार द्वारा नोटबंदी के निर्णय को देशहित में लिया गया फैसला बताया गया. समाजसेवी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि पिछली सरकारों ने कालेधन के साथ-साथ देश में जाली नोटों का भरमार हो गया था
जिस कारण देश बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और महंगाई की मार झेल रहा था. नोटबंदी से देश की आर्थिक व्यवस्था मजबूत होगी. नागरिक मंच के संयोजक डॉ ब्रजेश कुमार शर्मा ने कहा कि नोटबंदी से वैसे राजनीतिक दलों में बेचैनी बढ़ गयी है जो कालेधन के बल पर राजनीति में आर्थिक भ्रष्टाचार फैलाने का काम कर रहा है. अध्यक्षीय संबोधन में श्री मिश्र ने कहा कि पांच सौ और एक हजार के नोटों पर प्रतिबंध से पाकिस्तान और भारत में बैठे पाक के हितैषियों के होश उड़ गये हैं.
भारत सरकार का यह कदम देश की गिरती अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए ऐतिहासिक कदम है. जाली नोट देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा पैदा कर रहा है. समापन भाषण में रमेश कुमार ने लोगों को इस कदम से हो रही आर्थिक कठिनाई के बारे में विस्तार से बताया. मौके पर भाई रघुनाथ, डॉ रामाशंकर प्रसाद, तेजनारायण यादव, अरुण कुमार गोप, सुरेंद्र कुमार पटेल, रीतेश कुमार गुड्डु, डॉ शशिरंजन, रामश्रेष्ठ सिंह कुशवाहा ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये.
