सीतामढ़ी : भारत सरकार द्वारा काला धन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक का असर दूसरे दिन भी स्थानीय रेलवे स्टेशन पर देखा गया. इस दौरान रेलवे टिकट काउंटर पर यात्रा टिकट लेने के लिए खड़े लोगों में मात्र पांच से दस प्रतिशत लोग खुदरा रूपया देकर टिकट ले रहे थे. बाकि बचे लोगों के हाथों में पांच सौ या हजार का नोट देखने को मिल रहा था. हालांकि बुधवार को यात्रियों की संख्या देख कर स्थानीय रेलकर्मियों ने निजी तौर पर छोटे-छोटे नोट की व्यवस्था की थी.
जो समय के साथ समाप्त होती चली गयी. दोपहर 2 बजे के बाद देखते-देखते रेलवे की सारी व्यवस्था हवा-हवाई हो गयी. पांच सौ व हजार का नोट देने वालों को वापस लौटना पड़ा. टिकट नही मिलने के कारण सैकड़ों यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी. जोगियारा निवासी जीतन महतो महतो बताते है कि परिवार के साथ दिल्ली से लौट कर सीतामढ़ी पहुंचे है. अब गांव जाना है, तो हजारों रूपया जेब में रहने के बाद भी टिकट व होटल में खाना नही मिल रहा है. बेटा तीन साल का है.
जो भूख से रो रहा है, लेकिन कुछ खरीद कर पेट की आग शांत करने में कामयाब नही हो पा रहे है. हजारों का नोट कोरा कागज लग रहा है. ऐसी बुरी स्थिति का सामना कभी नही करना पड़ा. वही मौजूद दरभंगा के हायघाट जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे विकास राउत कहते है कि घर से पांच सौ व हजार का नोट है. होटल में खाना व काउंटर पर टिकट नही मिल रहा है.
