शाहपुर पटोरी : प्रखंड के उत्तरी धमौन पंचायत के कई कार्यकारिणी सदस्यों ने मनरेगा योजना में अनियमितता बरतने का आरोप लगा कर रोजगार सेवक एवं पंचायत के मुखिया को कटघरे में खड़ा ला दिया है. इस संदर्भ में वार्ड सदस्यों ने कई अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा है. अधिकारियों को दिये गये ज्ञापन में सदस्यों ने बताया है कि इस पंचायत के मनरेगा योजना में नियमों की अनदेखी कर कार्य किया जा रहा है. दो दिन के काम को मास्टर रौल में एक सप्ताह दर्शाया जाता है, इतना ही नहीं पंचायत में मजदूर के रहते हुए बाहर से मजदूरों को बुलाया जाता है.
रोजगार सेवक से जब जानकारी मांगी जाती है तो वे हम सदस्यों को झूठा मुकदमा में फंसाने की धमकी देते है. पंचायत के वार्ड सदस्यों ने मांग की है कि रोजगार सेवक रामसागर राय पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पंचायत से विमुक्त किया जाय. वार्ड सदस्यों ने अधिकारियों को दिये गये ज्ञापन में यह भी लिखा है कि अगर रोजगार सेवक पर कार्रवाई नहीं होती है तो सभी वार्ड सदस्य सामूहिक रुप से इस्तीफा देने को विवश होंगे.
अधिकारियों को ज्ञापन देने वालों में वार्ड सदस्य शांति देवी, इंदु देवी, सोनिका कुमारी, प्रमोद कुमार साह, खुशबू देवी, धमेंद्र राय, बीरेंद्र कुमार राय, रिंकू देवी के नाम शामिल हैं. मुखिया रीता देवी से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु वह तत्काल उपलब्ध नहीं थी. वैसे उनके पति ब्रजेश कुमार ने बताया कि आरोप बेबुनियाद है. मुखिया ने मनरेगा के तहत एक योजना का संचालन अवश्य कराया गया है. इसमें पूरी पारदर्शिता बरती गयी है. कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है.
