दिवाली का बच्चे बेसब्री से कर रहे इंतजार
पर्यावरण पर रहेगा फोकस
सीतामढ़ी : दुर्गा पूजा के बाद लोग अब खुशियों का त्योहार दिवाली की तैयारी में लग गये हैं. घर की रंगाई-पुताई शुरू हो गयी है. व्यवसायी वर्ग के लोगों ने अपनी दुकानों को सजाना शुरू कर दिया है. अपने बजट के हिसाब से लोग गहने व कपड़े बनवाने की सूची तैयार कर रहे हैं. इन सभी बातों से बेफ्रिक्र बच्चे अपने हिसाब से दिवाली मनाने की तैयारी में लगे हुए हैं. दिवाली त्योहार को लेकर वे काफी उत्साहित हैं. इस बार की दिवाली कैसी हो इसको जाने के लिए प्रभात खबर की टीम डुमरा रोड, नहर चौक स्थित आर्या प्रिपरेटरी के वर्ग छह की छात्राओं से बातचीत की. छात्राओं ने बताया कि वे इको फ्रेंडली दीवाली मनायेंगे ताकि पर्यावारण के साथ ही किसी व्यक्ति को भी नुकसान न पहुंचे और वे सभी भी खुश रहें.
आराध्या, अपराजिता व श्रेया सुमन ने बताया कि इस बार वे लोग इकोफ्रेंडली दिवाली मनायेंगी. पटाखा नहीं फोड़ेंगी और दूसरे बच्चों को भी पटाखा नहीं फोड़ने की सलाह देंगी. क्योंकि उसके धुआं से कार्बन मोना ऑक्साइड निकलता है जिससे पर्यावारण प्रदूषित होता है. साथ ही ध्वनि प्रदूषण से बहुत सारे लोग बीमार हो जाते हैं और शरीर जलने का डर रहता है. दिवाली खुशियों का त्योहार है. इसमें अपने दोस्तों के बीच मिठाई बांट कर खुशी मनायेंगी.
शिवानी भारती, अनुष्का बालिया व निशा : दिवाली के दिन धन की देवी लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा करेंगी. पटाखा नहीं फोड़ेंगी. केरोसिन की जगह घी, तील का तेल, कैंडल व विद्युत बल्ब से घर को सजायेंगी ताकि पर्यावरण प्रदूषित न हो. दिवाली से पूर्व घर के साथ-साथ आसपास की सफाई करेंगी और दूसरे बच्चों को भी ऐसा ही करने की सलाह देंगी. उन्होंने बताया कि यदि समाज के सभी बच्चे ऐसा करें तो पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचेगा और हम स्वस्थ रहेंगे. पटाखों के पैसे से मिठाई खरीद कर बच्चों में बाटेंगे.
आशिका, खुशी व अंशु : दिवाली अंधकार पर विजय का पर्व है. हम सभी इकोफ्रेंडली दीवाली मना कर पर्यावरण की रक्षा करेंगे. घर की सफाई करेंगे. कूड़ा-कर्कट को गढ़ा खोद कर डलवायेंगे. कैंडल व विद्युत बल्ब व रंगोली से घर को सजायेंगे. पटाखा नहीं फोड़ेंगे और दूसरों को भी ऐसा करने की सलाह देंगे.
सिद्धि सिंह व शिल्पी सुमन : दिवाली खुशी व सुख-शांति का त्योहार है. इस दिन हर घर में देवी लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा होनी चाहिये. खुशी का इजहार करने के लिए पटाखा फोड़ना कोई जरूरी नहीं है. हम नये कपड़े पहनेंगे. मिठाइयां खायेंगे और बांटेंगे. केरोसिन जलाने से वातावरण प्रदूषित होता है, इसको ध्यान में रखते हुए कैंडल, विद्युत बल्ब व तील के तेल का प्रयोग करेंगे.
हमेशा स्वच्छ वातावरण बनाये रखने का लें संकल्प : प्राचार्या, सुमी सुमन . दिवाली खुशियों के साथ-साथ स्वच्छता का त्योहार है. हमें इस त्योहार के अवसर पर स्वच्छता का संकल्प लेना चाहिये. उन्हाेंने कहा कि संकल्प ऐसा हो कि हम हमेशा अपने घरों के साथ ही आसपास की सफाई पर विशेष ध्यान देते रहें. ऐसा करने से पूरे देश में स्वच्छता का महौल बनेगा और निश्चित रूप से हमारा देश स्वत: साफ व स्वच्छ बना रहेगा. स्वच्छता में ईश्वर का निवास होता है और ऐसे महौल में हम लक्ष्मी पूजा करेंगे तो धन की देवी लक्ष्मी व भगवान गणेश निश्चित रूप से अधिक प्रसन्न होंगे. साथ ही बच्चों से अपील की कि इकोफ्रेंडली दिवाली मनायें ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे.
लक्ष्मी पूजा में मिट्टी के दीपक का विशेष महत्व : निदेशक, संजीत कुमार झा . दिवाली दीपों का उत्सव है. इस त्योहार को मिट्टी के बने दीपों से मनाने का संकल्प लेना चाहिये. साथ ही देश की एकता व अखंडता को बनाये रखने के लिए चाइनीज पटाखों व लाइट का बहिष्कार करेंगे. कहा कि डिजिटल लाइट की मांग भले ही बढ़ गयी हो, पर भारतीय संस्कृति में आज भी सुख-समृद्धि के लिए की जाने वाली लक्ष्मी पूजा मिट्टी के दीपक का विशेष महत्व है. दीपावली खुशियों के साथ ही भाइचारे का त्योहार है. हम सभी एक-दूसरे की सुविधा को ध्यान में रखते हुए त्योहार मनायें ताकि किसी को किसी प्रकार का कष्ट न हो.
