रिफ्लेक्टर टेप लगे वाहन का ही निबंधन

सीतामढ़ी : ट्रैफिक नियमों का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिये जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से ठोस कदम उठाया जा रहा है. यह सामने आने aके बाद कि सबसे अधिक मौतें सड़क दुर्घटनाओं में होती हैं, को ले प्रशासन अब काफी संजीदा हो गया है. वह हर कदम उठाये जा रहे हैं, […]

सीतामढ़ी : ट्रैफिक नियमों का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिये जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से ठोस कदम उठाया जा रहा है. यह सामने आने aके बाद कि सबसे अधिक मौतें सड़क दुर्घटनाओं में होती हैं, को ले प्रशासन अब काफी संजीदा हो गया है. वह हर कदम उठाये जा रहे हैं, जिससे कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके. प्रशासन को रिपोर्ट मिली है कि सड़कें अच्छी बन जाने से दुर्घटना भी अधिक हो रही है. एनएच-77 व 104 के अलावा पुपरी-दरभंगा रोड पर दुर्घटना में वृद्धि हो गयी है.

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने को जिला प्रशासन ने की पहल
रोड पर लगाये जायेंगे बोर्ड
इस पर नियंत्रण के लिए रोड पर जहां मोड़ है वहां ‘यहां मोड़ है, कृपया गाड़ी धीरे चलायें’ का तो घनी बस्ती में ‘कृपया गाड़ी धीरे चलायें’ एवं जगह-जगह जेब्रा क्रॉसिंग का बोर्ड लगाया जायेगा. तकनीकी विभाग के संबंधित अभियंताओं को बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है. डीएम राजीव रौशन ने आदेश दिया है कि बिना रिफ्लेक्टर टेप वाले वाहन का फिटनेश प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जायेगा. यहां तक कि उक्त वाहन का निबंधन भी नहीं होगा. यानी नये वाहनों पर अब रिफलेक्टर टेप लगाना हीं होगा.
उच्च सुरक्षा युक्त निबंधन प्लेट जरूरी
अब सभी गाड़ियों में उच्च सुरक्षा युक्त निबंधन प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. पुरानी गाड़ियों में भी यही प्लेट लगेगा. वाहन चालक का लाइसेंस देने एवं वाहन का फिटनेस देते समय चालक का टेस्ट लेना है. इसके लिए समिति बनी हुई है, जिसमें सार्जेंट मेजर भी शामिल है. हालांकि टेस्ट के दौरान मोटर यान निरीक्षक द्वारा कभी सार्जेंट मेजर को नहीं बुलाया जाता है. गत दिन सड़क सुरक्षा समिति की संपन्न बैठक में उक्त बात सामने आयी थी. उसी बैठक में एसपी ने जोर देकर कहा था कि अगर चालक प्रशिक्षित होंगे तो दुर्घटनाएं कम होगी.
ट्रैक्टर वालों की भी जांच
अब ट्रैक्टर चालकों की भी नियमित जांच की जायेगी. सदर एसडीओ का मानना है कि ट्रैक्टर चालकों की लापरवाही के कारण भी काफी दुर्घटनाएं होती है. उनकी सलाह को डीएम ने सराहनीय माना है और डीटीओ व सभी थानाध्यक्षों को इस दिशा में समुचित कार्रवाई करने का आदेश दिया है. सभी थानाध्यक्षों से ब्लैक स्पॉट यानी वैसे स्थानों को चिह्नित कर रिपोर्ट देने को कहा गया है, जहां बार-बार दुर्घटना होती है या होने की संभावना बनी रहती है. रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित स्थान पर सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की जायेगी ताकि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों का ससमय समुचित उपचार हो सके.

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