1952 से पूजा संग नाटक का मंंचन भी

सुप्पी : प्रखंड के ढ़ेंग रेलवे स्टेशन के समीप बड़हरवा बाजार काली मंदिर परिसर में वर्ष 1952 से ही प्रतिमा स्थापित कर मां दुर्गा की पूजा होती आ रही है. नव दुर्गा नाट्य कला परिषद बड़हरवा के बैनर तले पूजा के साथ ही नाटक का भी मंचन होते आ रहा है. पूजा समिति के अध्यक्ष […]

सुप्पी : प्रखंड के ढ़ेंग रेलवे स्टेशन के समीप बड़हरवा बाजार काली मंदिर परिसर में वर्ष 1952 से ही प्रतिमा स्थापित कर मां दुर्गा की पूजा होती आ रही है. नव दुर्गा नाट्य कला परिषद बड़हरवा के बैनर तले पूजा के साथ ही नाटक का भी मंचन होते आ रहा है. पूजा समिति के अध्यक्ष भैरवी नंदन सिंह बताते हैं कि वर्ष 52 में पहली बार पूजा पर 225 रुपये व नाटक पर 75 रुपये खर्च हुआ था. वर्ष 1975 में राजा हरिश्चंद्र नामक नाटक हुआ था जो यादगार बन गया. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है

कि तत्कालीन बीडीओ ने नाटक के सभी कलाकारों को पुरस्कृत किया था. इस बार पूजा का बजट 3.50 लाख का है. यहां पर सच्चे मन से पूजा करने वालों की मनोकामना मां जरूर पूरी करती है. पूजा अवधि में अखंड पाठ होता है. कोषाध्यक्ष आनंद सिंह व सचिव सह मुखिया दिलीप साह ने बताया कि इस बार लगातार तीन दिन क्रमश: सोमनाथ के लुटेरे, जलता हिंदुस्तान व अर्जुन की पराजय आदि नाटक का मंचन होगा.

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