जख्मी बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, तब मनायी ईद

सीतामढ़ी : कहा जाता है कि बेसहारों को सहारा देना सबसे बड़ा धर्म होता है. गुरुवार को नगर के मेहसौल ओपी क्षेत्र अंतर्गत हुसैना में इस कहावत की सच्चाई तब देखने को मिला, जब किसी अज्ञात वाहन चालक ने एक मासूम बच्ची को ठोकर मार कर फरार हो गया. जख्मी बच्ची जमीन पर गिर कर […]

सीतामढ़ी : कहा जाता है कि बेसहारों को सहारा देना सबसे बड़ा धर्म होता है. गुरुवार को नगर के मेहसौल ओपी क्षेत्र अंतर्गत हुसैना में इस कहावत की सच्चाई तब देखने को मिला, जब किसी अज्ञात वाहन चालक ने एक मासूम बच्ची को ठोकर मार कर फरार हो गया. जख्मी बच्ची जमीन पर गिर कर बेहोश हो गयी.

इसी बीच स्थानीय वृद्ध मो खुदादीन की नजर उक्त मासूम बच्ची पर पड़ी. खुदादीन दौड़ कर बच्ची को उठाया और इलाज के लिए सदर अस्पताल में भरती कराया, जहां बच्ची अब खतरे से बाहर बतायी गयी है. बच्ची के लिए मसीहा बन कर सामने आये मो खुदादीन का कहना था बच्ची ठीक हो जाए व अपने माता-पिता के पास सुरक्षित चली जाए तो वे समझेंगे कि उनका असली ईद हो गया. समाचार लिखे जाने तक बच्ची की पहचान नहीं हो सकी थी. मो खुदादीन बच्ची के माता-पिता की पहचान होने का इंतजार कर रहे थे. ताकि उसे सही ठिकाने पर सुरक्षित पहुंचाया जा सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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