23 हजार यात्रियों ने खड़े हो किया सफर

परेशानी. एक सप्ताह में डीएमयू की यात्रा बोगी कम होने से बढ़ी यात्रियों की परेशानी सीतामढ़ी : यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से डीएमयू ट्रेनों का परिचालन शुरू कराया गया, मगर इससे सुविधा कम असुविधा अधिक हो रही है. करीब 50 फीसदी यात्रियों को डीएमयू ट्रेन में सीट नहीं मिल पाती है. […]

परेशानी. एक सप्ताह में डीएमयू की यात्रा

बोगी कम होने से बढ़ी यात्रियों की परेशानी
सीतामढ़ी : यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से डीएमयू ट्रेनों का परिचालन शुरू कराया गया, मगर इससे सुविधा कम असुविधा अधिक हो रही है. करीब 50 फीसदी यात्रियों को डीएमयू ट्रेन में सीट नहीं मिल पाती है. ऐसे यात्रियों को ट्रेन में खड़े-खड़े सफर करना पड़ता है. यह हाल प्रतिदिन का है.
आठ दिन में डीएमयू की अप व डाउन छह गाड़ियों से कुल 50 हजार 639 यात्री सफर किये, जिसमें से 22 हजार 991 यात्रियों को सीट नहीं मिली थी. यह आंकड़ा टिकट कटाने वाले यात्रियों का है. इसमें बिना टिकट वाले यात्रियों की भी संख्या जोड़ दी जाये तो बिना सीट के डीएमयू ट्रेनों से सफर करने वालों का आंकड़ा बढ़ कर 25 हजार पार कर जायेगा.
डीएमयू में सीटों का हाल : डीएमयू ट्रेन में यात्रियों के लिए पांच बोगी होती है. ट्रेन में दो इंजन आगे व पीछे लगा होता है. दोनों इंजन के बोगी के आधा पार्ट में यात्री भी सफर करते हैं. इस तरह से एक डीएमयू ट्रेन में यात्रियों के लिए छह बोगी हो गयी. एक बोगी में 96 सीट होता है. अप-डाउन छह ट्रेनों की सीटों की संख्या कुल 576 हुई. यानी प्रतिदिन 576 यात्री को हीं सीट मिल सकती है. आठ दिन में 27648 यात्री को सीट मिल सकती है.
एक जून से आठ जून के बीच सीतामढ़ी स्टेशन से डीएमयू के लिए 50 हजार 639 यात्रियों ने टिकट कटाया. 65.29 लाख राजस्व की प्राप्ति हुई. निर्धारित सीटों व टिकट कटाये यात्रियों की संख्या पर गौर करें तो एक से आठ जून के बीच करीब 23 हजार यात्री बिना सीट का ही डीएमयू ट्रनों से सफर किये.
शौचालय की सुविधा कभी-कभी
डीएमयू में कभी- कभी हीं बोगी के साथ शौचालय की सुविधा मिल पाती है अन्यथा इस ट्रेन में शौचालय की सुविधा नहीं रहती है. सफर के दौरान शौच लगने पर यात्री बीच रास्ते में ही किसी स्टेशन पर उतर जाते हैं. जिस दिन डीएमयू में शौचालय की सुविधा रहती है तो वह उपयोग करने लायक नहीं रहता है.
कारण कि उसकी साफ-सफाई समुचित ढ़ंग से नहीं करायी जाती है. इस ट्रेन में भीड़ होने के कारण पॉकेटमारी की घटनाएं खूब होती है. अधिकांश यात्री पॉकेटमारी की पुलिस से शिकायत नहीं करते हैं. यात्री मनियारी के शीतल झा, बैरगनिया के त्रिभुवन साह व बृजमोहन सोनी ने बताया कि यह ट्रेन एक मजाक बन कर रह गया है.
यात्रियों में बढ़ रहा आक्रोश
बोगी कम, यात्री अधिक : स्थानीय रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन देखा जाता है कि यात्री धक्का खाते, लटकते व ट्रेन की छत पर बैठ कर डीएमयू से सफर करते हैं. इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि बोगी की संख्या कम है और प्रतिदिन यात्रियों की संख्या सीट से कई गुणा अधिक रहती है. भीड़ के दौरान वृद्ध व महिलाओं को ट्रेन में चढ़ने या उतरने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यह कहने में दो मत नहीं कि डीएमयू ट्रेन क्षेत्र के लोगों के लिए एक वरदान के बजाय अभिशाप ही बन गया है.
कहते हैं अधिकारी
स्थानीय वाणिज्य निरीक्षक वरूण कुमार ने बताया कि बोगी कम रहने व यात्रियों की संख्या अधिक होने के मामले से वरीय अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है. संभव है कि इस दिशा में यात्रियों की सुविधा को शीघ्र कोई निर्णय लिया जायेगा.

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