सीतामढ़ी : जिला के प्रभारी मंत्री डा अशोक चौधरी के आदेश के आलोक में शहर व डुमरा में दर्जन से अधिक चिकित्सकों के क्लिनिक व नर्सिंग होम की जांच की गयी, पर एसडीओ की अनुशंसा व सीएस के आदेश के बाद भी अवैध चिकित्सकों पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी जा सकी है.
बता दें कि प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए सीएस के स्तर से डुमरा पीएचसी प्रभारी डा कामेश्वर प्रसाद प्राधिकृत किये गये हैं.
प्राथमिकी से परहेज
पीएचसी प्रभारी डा प्रसाद कतिपय कारणों से उक्त चिकित्सकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने से परहेज कर रहे हैं. उन्हें आधा दर्जन से अधिक चिकित्सकों के खिलाफ करीब एक माह पूर्व ही प्राथमिकी कराने का आदेश दिया गया था. गत दिन डा प्रसाद ने सीएस को पत्र भेज शहर के चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने से इनकार कर दिया.
इसके बाद सीएस ने उन्हें एक बार फिर पत्र भेज संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ तीन दिन के अंदर प्राथमिकी दर्ज करा प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा है.
इन पर होनी है प्राथमिकी
शहर के डा निशांत शेखर, डा हर्षवर्धन, डा बीके लाल, डा एके मंडल, डा नीलमणी, डा नीलम रानी, डा तृप्ति सिंह समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जानी है. सबों पर किसी न किसी कारण से अवैध ढ़ंग से क्लिनिक व नर्सिंग होम के संचालन का आरोप है. सदर एसडीओ संजय कृष्ण के नेतृत्व में गत माह जांच की कार्रवाई की गयी थी.
कहते हैं पीएचसी प्रभारी
डुमरा पीएचसी प्रभारी डा कामेश्वर प्रसाद ने बताया कि वे शहर के चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करायेंगे. इस बाबत सीएस को पत्र लिख चुके हैं. वे सिर्फ डुमरा के एक चिकित्सक के खिलाफ शीघ्र प्राथमिकी दर्ज करायेंगे. अन्य चिकित्सकों के खिलाफ डीएस से प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए सीएस से आग्रह किया गया है.
