सीतामढ़ी : सदर अनुमंडल कार्यालय से सेवानिवृत्त लिपिक रामसूरत तिवारी के पेंशन से हर माह 20 फीसदी की कटौती की जायेगी. यह राशि सरकारी खजाने में जमा होगी. श्री तिवारी के खिलाफ उक्त कार्रवाई डीएम राजीव रौशन ने की है. कहा जा रहा है कि किसी कर्मी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जिले में पहली बार की गयी है. बताया गया है कि राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ से संबंधित चेक बनाने में विलंब करने को लेकर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चली और संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आलोक में डीएम श्री रौशन द्वारा उक्त दंड निर्धारित किया गया है.
जीवन भर पेंशन से होगी 20 फीसदी की कटौती
सीतामढ़ी : सदर अनुमंडल कार्यालय से सेवानिवृत्त लिपिक रामसूरत तिवारी के पेंशन से हर माह 20 फीसदी की कटौती की जायेगी. यह राशि सरकारी खजाने में जमा होगी. श्री तिवारी के खिलाफ उक्त कार्रवाई डीएम राजीव रौशन ने की है. कहा जा रहा है कि किसी कर्मी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जिले में […]

क्या है पूरा मामला : बताया गया है कि मु पशुपति देवी समेत 40 लाभुकों के लिए राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ की स्वीकृति सदर एसडीओ द्वारा 20 जून 13 को दी गयी थी. इस मद में 21 अगस्त 13 को 67 हजार रुपये प्राप्त हुए थे.
बावजूद श्री तिवारी द्वारा 30 सितंबर 13 तक चेक बनाने का काम लंबित रखा गया. डीएम ने माना है कि चेक बनाने में श्री तिवारी द्वारा अभिरूचि नहीं ली गयी और कार्य के प्रति लापरवाही बरती गयी. एसडीओ सदर ने विभागीय कार्यवाही के लिए प्रपत्र ‘क’ का गठन कर डीएम को भेज दिया था. तत्कालीन एडीएम पारसनाथ सिंह संचालन पदाधिकारी बनाये गये थे.
जनता दरबार में शिकायत : शहर के जानकी स्थान के लक्ष्मण साह की विधवा पशुपति देवी ने चेक नहीं मिलने की शिकायत डीएम के जनता दरबार में की थी. जनशिकायत कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी रहे कुमार विजेंद्र ने जांच में पाया था कि श्री तिवारी द्वारा बिना किसी कारण के चेक नहीं बनाया गया. बाद में चेक निर्गत किया गया था, जिसके वितरण पर रोक लगा दिया गया था.
आरोपित कर्मी का जवाब : श्री तिवारी ने स्पष्टीकरण में बताया था कि 29 जून 13 को 40 लाभुकों के लिए राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना की स्वीकृति दी गयी थी. राशि उपलब्ध नहीं रहने के कारण चेक नहीं बनाया गया था. उसके पूर्व के भी लाभुकों का राशि के अभाव में चेक नहीं बना था. एसडीओ के पदस्थापन की अधिसूचना 20 अगस्त 13 को निर्गत हुई और अगले दिन उक्त मद में 67 हजार रुपये प्राप्त हुए थे.
रोकड़ बही अद्यतन नहीं था. एसडीओ द्वारा 31 अगस्त 13 को प्रभार ग्रहण किया गया. तबीयत खराब होने के चलते वे इलाज को भरती होने चले गये. तीन सप्ताह बेड रेस्ट किये थे.