सीतामढ़ी/बथनाहा : बथनाहा पश्चिमी पंचायत के भुसुलवा टोला के ग्रामीण उस वक्त काफी खुश थे, जब गांव में आजादी के बाद पहली बार पुल व सड़क का निमार्ण हुआ. महज एक वार्ड का यह गांव आजादी के बाद से अब तक उपेक्षित रहा है, परंतु गत वर्ष गांव से अन्य गांवों को जोड़ने के लिए दो पुल व करीब 600 फिट की पक्की सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने के बाद गांव वालों को लगा था कि अब उसके गांव की भी सूरत बदल जाएगी. परंतु ऐसा हो नहीं सका.
गांव वाले सड़क निर्माण कार्य से काफी नाराज है. रविवार को ग्रामीण कृष्ण कुमार, महादेव राउत, राम प्रताप ठाकुर, कामेश्वर मुखिया, मिश्री लाल साह, गीता देवी, देववती देवी, सुमित्रा देवी व निर्मला देवी समेत अन्य ने प्रभात खबर को बताया कि करीब चार-पांच दिन पूर्व नौशाद नामक पुल निर्माण संवेदक द्वारा खाना पूर्ति करते हुए जबरन करीब 600 फिट की पक्की सड़क का निर्माण कर डाला. वह भी महज एक घंटे में. विरोध करने पर ग्रामीणों को संवेदक द्वारा भय दिखा कर खानापूर्ति करते हुए जबरन सड़क बना दिया गया. ग्रामीणों का कहना था कि चार दिन बाद ही सड़क उखड़ने लगा है.
निर्माण से पूर्व सड़क पर मात्र एक बार हवा मारा गया. उस पर ऑयल भी नहीं डाला गया. अलकतरा का मात्रा सामान्य से काफी कम था. फलस्वरूप चलने पर पैर से ही सड़क उखड़ने लगा है.
