सीतामढ़ी : डीएम राजीव रौशन के स्तर से नर्सिंग होम व क्लिनिक की जांच को गठित टीम द्वारा की जा रही कार्रवाई से अवैध व फर्जी चिकित्सकों में हड़कंप मच गया है. शुक्रवार को आठ चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी की अनुशंसा की खबर स्वास्थ्य विभाग में चर्चा का विषय बन गया है. डा निशांत शेखर द्वारा एमसीआइ की स्क्रीनिंग परीक्षा को उत्तीर्ण किये बगैर नर्सिंग होम के संचालन को अपराध बताया गया है.
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जिले के फर्जी चिकित्सकों में हड़कंप
सीतामढ़ी : डीएम राजीव रौशन के स्तर से नर्सिंग होम व क्लिनिक की जांच को गठित टीम द्वारा की जा रही कार्रवाई से अवैध व फर्जी चिकित्सकों में हड़कंप मच गया है. शुक्रवार को आठ चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी की अनुशंसा की खबर स्वास्थ्य विभाग में चर्चा का विषय बन गया है. डा निशांत शेखर […]

अस्थायी अनुमति रद्द की अनुशंसा : हॉस्पिटल रोड स्थित डा प्रवीण सिंह पर अवैध रूप से क्लिनिक संचालन करने का आरोप है. भारतीय आयुर्विज्ञान परिसर नयी दिल्ली द्वारा डा सिंह को अस्थायी अनुमति मिली थी. अनुमति के शर्तों का उल्लंघन करने पर एसडीओ संजय कृष्ण ने सीएस को पत्र भेज डा सिंह के अस्थायी अनुमति को रद्द करने की अनुशंसा करने को कहा था. सीएस से कृत कार्रवाई की जानकारी मांगी गयी है.
काठमांडू से डिग्री : डाॅ निशांत शेखर ने नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय, काठमांडू से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की, जबकि डा हर्षवर्धन ने नेपाल के जानकी मेडिकल कॉलेज, जनकपुर से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की है. इधर, डा बीके लाल, उनकी पत्नी डा सुधा लाल व पुत्री डा मीनाक्षी द्वारा संयुक्त रूप से लाइफ ग्लो चैरिटेबल क्लिनिक का संचालन किया जा रहा था. शैक्षणिक प्रमाण पत्र व असाध्य रोग विशेषज्ञ से संबंधित प्रमाण पत्र जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया था.
उधर, एमसीआइ की वेबसाइट पर डा नीलमणी के पिता का नाम शत्रुघ्न राय, पता बाजितपुर, पोस्ट खुरैना व जिला मुजफ्फरपुर अंकित है. डा नीलमणी द्वारा रंगदारी की बाबत नगर थाना में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में पिता का नाम अरुण कुमार सिंह, ग्राम-लालगढ़, थाना श्यामपुर भटहां व जिला सीतामढ़ी बताया गया है.