अपराधियों के निशाने पर डॉक्टर

रंगदारी को लेकर डॉ लोहिया के घर हुआ था बम-विस्फोट लगातार रंगदारी मांगने के कारण पुिलस सकते में छोटे अपराधी कर रहे बड़े अपराधी के नाम का इस्तेमाल सीतामढ़ी : नगर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नीलमणि से मुकेश पाठक के नाम से 15 लाख की रंगदारी मांगने की घटना से शहर में अपराधियों का […]

रंगदारी को लेकर डॉ लोहिया के घर हुआ था बम-विस्फोट

लगातार रंगदारी मांगने के कारण पुिलस सकते में
छोटे अपराधी कर रहे बड़े अपराधी के नाम का इस्तेमाल
सीतामढ़ी : नगर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नीलमणि से मुकेश पाठक के नाम से 15 लाख की रंगदारी मांगने की घटना से शहर में अपराधियों का खौफ एक बार फिर बढ़ गया है. विगत तीन दिनों में जिले में रंगदारी की तीन घटना से पुलिस की भी बेचैनी बढ़ गयी है.
27 दिसंबर 2015 की सुबह अपराधियों ने शहर के प्रमुख चिकित्सक डॉ प्रेम पुष्प लोहिया के निजी क्लिनिक में अपराधियों ने रंगदारी के लिए बम विस्फोट कर इरादे स्पष्ट कर दिये थे. 11 फरवरी को अपराधियों ने सहियारा थाना क्षेत्र के मधुबनी गांव निवासी व चिमनी भट्ठा व्यवसायी शिवजी महतो से 15 लाख की रंगदारी मांगी थी.
पुलिस अभी इसकी खबर लेती कि 12 फरवरी की देर शाम रून्नीसैदपुर निवासी चिक्स एंड फिड व्यवसायी निर्मल कुमार सिंह से अपराधियों ने पांच लाख की रंगदारी मांग कर सनसनी फैला दिया. रून्नीसैदपुर थाने की पुलिस उक्त मामले की जांच शुरू करती कि 13 फरवरी को चिकित्सक डॉ नीलमणि से मुकेश पाठक के नाम पर रंगदारी की मांग घटना से शहर सन्न रह गया. लगातार रंगदारी की घटना पुलिस के समक्ष चुनौती के रुप में सामने आया है.
मुकेश के नाम पर हो रहा खेल
दरभंगा के बहेड़ी में कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो इंजीनियर की हत्या के बाद सुर्खियों में आया मुकेश पाठक के नाम का खौफ इतना बढ़ गया है कि रंगदारी मांगने की कई घटनाओं में उसका नाम सामने आ रहा है. वैसे पुलिस का यह भी कहना है कि चुकी मुकेश पाठक के नाम से सहज रंगदारी की राशि मिलने की संभावना रहती है, इसलिए उसके नाम का उपयोग अन्य छोटे अपराधी भी कर रहे हैं.
शूटर समेत कई दबोचे भी गये
हाल हीं में पुलिस अधीक्षक के स्तर पर गठित स्पेशल टीम को कई बड़ी सफलता भी मिली है, लेकिन क्राइम का ग्राफ कम नहीं हो रहा है. पुलिस ने विगत दिनों सीमेंट व्यवसायी उदय सिंह की हत्या का खुलासा कर हरेंद्र सहनी गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता पायी है. इसमें गिरोह का प्रमुख दो शूटर अर्जुन सहनी एवं अनिल साह भी शामिल है. पूर्व मुखिया मर्डर केस में भी पुलिस को शातिर महेशिया एवं श्याम सुंदर सिंह की गिरफ्तारी के रूप में सफलता मिली, लेकिन अन्य मामलों में अभी कार्रवाई का इंतजार है.
व्यवसायी की हत्या से पसरा था खौफ : यहां बताते चले कि 30 दिसंबर 2014 की रात प्रताप नगर में मोबाइल व्यवसायी मुनींद्र पाठक एवं 31 दिसंबर 2014 को शहर के सबसे बड़े दवा व्यवसायी यतींद्र खेतान की हत्या ने शहर वासियों को खौफ के साय में जीने को मजबूर कर दिया है. उक्त दोनों व्यवसायी की हत्या के बाद से पुलिसिया चौकसी के दावे लोगों के भरोसे पर खड़ी नहीं उतर रही है.
पुलिस घटना के कुछ दिन तक तो एक्शन में दिखती है, लेकिन उसके बाद व्यवस्था पुन: पुरानी पटरी पर लौट आती है. नगर में गश्ती का माहौल खत्म हो चुका है. नगर थाने की पुलिस गश्ती के नाम पर कोरम पूरा करने में भरोसा करती है, इसका आलम है कि असामाजिक तत्व का खौफ समाप्त होता दिख रहा है.

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