सदर एसडीओ के आदेश का हुआ असर
दो माह के लिए लागू की गयी निषेधाज्ञा
सीतामढ़ी : शहर में इन दिनों जाम लगना आम हो गया है. समस्या को ले शहर का शायद ही कोई लोग होगा, जिसे प्रतिदिन दो-चार नहीं होना पड़ता होगा. जाम की समस्या एक तरह से नासूर बन चुकी है. इससे शहर के लोगों को निजात दिलाने के लिए तत्कालीन डीएम डाॅ प्रतिमा ने कोशिश की थी. कई कदम उठाये गये, पर कुछ माह बाद ही तमाम कदम विफल रहे और जाम की समस्या बनी रही. नगर परिषद की ओर से मेहसौल चौक व पुल पर सड़क के बीच लोहे का बुंब लगाया गया था.
बाद में वाहनों की ठोकरों से एक-एक कर तमाम बुंब क्षतिग्रस्त होते चले गये. यानी जाम पर काबू पाने के लिए उठाया गया यह कदम कारगर साबित नहीं हो सका. बता दें कि यहां से तबादले के बाद जाने के दौरान तत्कालीन डीएम डाॅ प्रतिमा ने प्रभात खबर से विशेष बातचीत में यह कहा था कि शहर के लोगों को जाम की समस्या से मुक्ति नहीं दिला पाने का उन्हें मलाल रहेगा.
एसडीओ ने उठाया ठोस कदम
माना जा रहा है कि जाम की समस्या से कुछ ही दिन में सदर एसडीओ संजय कृष्ण भी आजिज आ चुके. जाम का हाल देख उन्हें यह समझते देर नहीं लगी है कि शहर के लोग हर रोज किस तरह से जाम की समस्या से जूझते हैं. संभवत: इसी कारण एसडीओ को किरण सिनेमा चौक से मेहसौल चौक तक धारा 144 लागू करना पड़ा है.
यह निषेधाज्ञा चार फरवरी से तीन अप्रैल तक के लिए लागू किया गया है. यानी अब उक्त दोनों चौक के बीच सड़क पर पांच या पांच से अधिक लोग एक जगह खड़ा नहीं रख सकते हैं.
ठेला दुकानदारों की खैर नहीं
मेहसौल चौक से किरण चौक तक सड़क के दोनों किनारे अस्थायी दुकानदारों के चलते जाम की समस्या बराबर बनी रहती थी. मेहसौल पुल पर ठेला लगा कर दुकानदारी करने वालों से जुर्माना वसूल करने के बावजूद उन पर कोई असर नहीं पड़ा था. कल तक पुल के दोनों किनारे करीब दर्जन भर लोगों को ठेला लगा कर फल व अन्य सामग्री बेचते देखा जाता था.
सदर एसडीओ के आदेश के आलोक में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अजय कुमार द्वारा जाम की समस्या को दूर करने के लिए किरण सिनेमा चौक से मेहसौल चौक तक के क्षेत्र को ‘नो वेंडिंग जोन’ घोषित किया गया है.
