बच्चे 269, शिक्षक मात्र दो

सुप्पी : प्रखंड के कई स्कूलों में शिक्षकों की काफी कमी है. कहीं पर्याप्त शिक्षक हैं तो पठन-पाठन की गुणवत्ता बेहतर नहीं है तो कहीं शिक्षक की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. विभाग के अधिकारियों के काफी कसरत के बावजूद स्कूलों में बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा सकी […]

सुप्पी : प्रखंड के कई स्कूलों में शिक्षकों की काफी कमी है. कहीं पर्याप्त शिक्षक हैं तो पठन-पाठन की गुणवत्ता बेहतर नहीं है तो कहीं शिक्षक की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. विभाग के अधिकारियों के काफी कसरत के बावजूद स्कूलों में बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा सकी है. प्रखंड के एक मध्य विद्यालय में मात्र दो शिक्षक हैं, जिसमें से एक प्रभारी प्रधान शिक्षक हैं.

स्कूल में 269 बच्चे नामांकित हैं. बच्चों की प्रतिदिन उपस्थित भी अच्छी-खासी रहती है. प्रभारी प्रधान शिक्षक शशि शेखर उर्फ झुन्नू है. दूसरे शिक्षक नीरज कुमार हैं. प्रभारी प्रधान बैंक, विभागीय कार्य व बैठकों के साथ ही विभागीय रिपोर्ट तैयार करने में लगे रहते हैं. उनके पास समय ही नहीं बचता है कि वे बच्चों के बीच रह सके. यानी शिक्षक नीरज कुमार पर ही पूरे बच्चों का पठन-पाठन निर्भर रहता है. वे अकेला पड़ जाने के कारण जैसे-तैसे पढ़ाई की खानापूर्ति कर लेते हैं.
प्रधान शिक्षक ने बताया कि मात्र चार कमरा है. कक्षा सात तक है. चहारदीवारी नहीं है. रोड के किनारे स्कूल होने के कारण बराबर घटना की आशंका बनी रहती है. बताया कि इस बारे में अब तक कई बार विभागीय अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है. अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

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