आइटी व मुख्य कार्यक्रम समन्वयक के चयन का मामला
चयन के मुद्दे पर दोनों के हैं अलग-अलग तर्क
सीतामढ़ी : साक्षर भारत मिशन के तहत जिला लोक शिक्षा समिति कार्यालय में आइटी समन्वयक व मुख्य कार्यक्रम समन्वयक का पद करीब तीन वर्षों से खाली है. खास बात यह कि उक्त दोनों पदों पर बहाली हो, को लेकर जिप अध्यक्ष इंद्ररानी देवी बेहद गंभीर है तो साक्षरता डीपीओ उमेश प्रसाद सिंह विभाग से मार्गदर्शन मिलने के बाद ही बहाली की बात कह रहे हैं. दोनों के बीच विगत कई माह से पत्राचार चल रहा है.
मामले को ले दोनों में मनमुटाव भी हो गया है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिप अध्यक्ष के स्तर से चयन के लिए बैठक बुलायी गयी थी, जिसे डीपीओ ने नियमानुकूल नहीं होने की बात कही थी. इस तरह से अन्य छोटी-छोटी बातों के चलते दोनों में बन नहीं रहा है.
क्या है पूरा मामला
उक्त दोनों पद पर पूर्व में बहाली हुई थी. मुख्य कार्यक्रम समन्वयक के रूप में नागेंद्र पासवान थे. गंभीर आरोपों के चलते पासवान को करीब तीन वर्ष पूर्व पद से हटा दिया गया था.
तब से ही यह पद खाली है. इस बीच, पासवान हाइकोर्ट में मामला दायर कर दिये जो अब तक लंबित है. जिप अध्यक्ष ने 15 जनवरी को डीपीओ उमेश प्रसाद सिंह को पत्र भेज दोनों पदों पर चयन के लिए बैठक बुलाने को कहा था. ठीक 15 दिन बाद यानी 30 जनवरी को भेजे जवाब में डीपीओ सिंह ने अध्यक्ष को बताया कि रिक्त पद पर चयन के लिए जन शिक्षा के निदेशक से मार्गदर्शन की मांग की गयी है. इस लिहाज से चयन समिति की बैठक आहूत करना नियमानुकूल नहीं है.
फिर अध्यक्ष ने डीपीओ को पत्र भेज उनके उक्त जवाब को गलत बताया है. अध्यक्ष का कहना है कि जिला स्तरीय चयन समिति की बैठक बुलाने को दिये गये निर्देश के आलोक में उक्त बातों को चयन समिति के समक्ष रखना चाहिए था न कि आदेश का उल्लंघन कर आहूत बैठक को अनियमानुकूल बताना चाहिए था.
