नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ही खत्म होगा अनशन
सीतामढ़ी : सरकारी सेवा में बने रहने की निर्धारित उम्र 60 वर्ष है. मटुकधारी महतो 57 वसंत पार कर चुके हैं. चेहरे पर झुर्रियां पड़ गयी है. बावजूद सरकारी नौकरी की आस लगाये हुए हैं. वह भी दो-चार वर्षों से नहीं, बल्कि पूरे 30 वर्षों से. नौकरी वह भी कार्यालय परिचारी का. यह नौकरी देना […]
सीतामढ़ी : सरकारी सेवा में बने रहने की निर्धारित उम्र 60 वर्ष है. मटुकधारी महतो 57 वसंत पार कर चुके हैं. चेहरे पर झुर्रियां पड़ गयी है. बावजूद सरकारी नौकरी की आस लगाये हुए हैं. वह भी दो-चार वर्षों से नहीं, बल्कि पूरे 30 वर्षों से. नौकरी वह भी कार्यालय परिचारी का. यह नौकरी देना जिला प्रशासन के हाथ में है.
यह जान कर हैरानी होगी कि मटुकधारी ही नहीं, बल्कि उनके जैसे कई उम्मीदवार अनुसेवी हैं, जो कार्यालय परिचारी के रूप में नौकरी के आस में जीवन का काफी समय बीता दिये, पर नौकरी नहीं मिली. वैसे अब यहां के कार्यालय परिचारी प्रशासन से आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके हैं. संघ के अध्यक्ष राजनंदन सहनी अनशन कर रहे हैं. मंगलवार को अनशन का दूसरा दिन है.
कपिलदेव राय, मोहन सिंह, राजनंदन सहनी व वीरेंद्र किशोर समेत अन्य उम्मीदवार अनुसेवी नौकरी की आशा में युवा से अधेड़ हो गये, पर आशा पूरी नहीं हुई. हाइकोर्ट में मामला दायर किये थे. हाइकोर्ट के आदेश के बाद डीएम के कोर्ट में सुनवाई हुई थी. सहनी ने बताया कि नियुक्ति का आदेश जारी किये जाने के बावजूद अब तक पत्र नहीं दिया गया है.
बता दें कि उक्त उम्मीदवार अनुसेवियों की भी उम्र 50 से 55 वर्ष हो गयी है. अब भी नौकरी मिल जायेगी, यह निश्चित नहीं है. अगर मिलेगी भी तो कब तक, यह बताने को कोई तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रशासन के बार-बार आश्वासन से आजिज आने के बाद अपने हक के लिए अनशन शुरू करना पड़ा है.