अधिवक्ता चौहान का आरोप तथ्यहीन

भगवान राम पर मुकदमा का मामला, बुरे फंसे अधिवक्ता डुमरा कोर्ट (सीतामढ़ी) : अकारण मां जानकी को वनवास ले जाये जाने एवं सुनी सुनाई बात पर जानकी के चरित्र पर सवाल उठाने को लेकर भगवान श्री राम के खिलाफ किये गये मुकदमा को सीजेएम रामबिहारी ने यह कहते हुए सोमवार को खारिज कर दिया कि […]

भगवान राम पर मुकदमा का मामला, बुरे फंसे अधिवक्ता

डुमरा कोर्ट (सीतामढ़ी) : अकारण मां जानकी को वनवास ले जाये जाने एवं सुनी सुनाई बात पर जानकी के चरित्र पर सवाल उठाने को लेकर भगवान श्री राम के खिलाफ किये गये मुकदमा को सीजेएम रामबिहारी ने यह कहते हुए सोमवार को खारिज कर दिया कि यह मामला पूरी तरह तथ्यहीन व निराधार है.
मेजरगंज प्रखंड के डुमरी कला निवासी सह अधिवक्ता चौहान ने भगवान राम के खिलाफ तथ्यहीन आरोप लगा कर शनिवार को सीजेएम के कोर्ट में मुकदमा किया था. उसी दिन मामले की सुनवाई की तिथि एक फरवरी तय की गयी थी. इसके साथ ही इस मामले को लेकर चर्चा का बाजार गरम हो गया. हालांकि कोर्ट द्वारा मामले को सिरे से खारिज किये जाने के साथ ही मुकदमे पर चर्चाओं पर विराम लग गया.
अधिवक्ता पर कार्रवाई की मांग
सीजेएम के कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुकदमे को लेकर अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा. उनका कहना था कि भगवान राम ने मां सीता के साथ अच्छा नहीं किया था. इस दौरान कोर्ट ने
चौहान से पूछा कि राम व सीता कौन थे.
इसका जवाब देने के बाद कोर्ट की ओर से पूछा गया कि घटना की तिथि व समय बतायें. अधिवक्ता ने मुकदमा में लगाये गये तमाम आरोपों की पुष्टि के लिए धार्मिक ग्रंथों को आधार बताया. हालांकि वे कोर्ट को अपने तथ्यों से संतुष्ट नहीं करा पाये.

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