शिक्षा के प्रति लोगों में आयी है जागरूकता
पंचायत के कई लोग हैं सरकारी पदों पर तैनात
बैरगनिया : प्रखंड के नंदवारा पंचायत में पिछले 15 वर्षों में कई बुनियादी विकास हुए हैं. इसमें सड़क, शिक्षा, बिजली आदि शामिल हैं. 13 वार्डों वाले पंचायत में मसहा आलम, बैंगाही, आदमवान पुनर्वास एवं नंदवारा गांव शामिल हैं. जिला मुख्यालय से प्रखंड मुख्यालय आनेवाली मुख्य सड़क सबसे पहले इसी पंचायत में प्रवेश कर प्रखंड मुख्यालय जाती है. इस पंचायत के नवनिर्मित नंदवारा चौक का नजारा पहले से काफी बदल गया है.
यहां पहले सुनसान इलाका एवं श्मशान घाट था, पर 2009 में बागमती नदी पर वंशी चाचा सड़क पुल का निर्माण होते ही चौक का नजारा ही बदल गया है. यहां कई दुकानें खुल गयी है. बस का ठहराव होने लगा है और अक्सर छोटी- बड़ी वाहनों का आवागमन लगा रहता है. अब यह जगह एक छोटे बाजार का रुप ले रहा है. इस पंचायत से गुजरने वाली बैरगनिया-सीतामढ़ी मुख्य सड़क खंड पर पेट्रोल पंप स्थापित हो जाने से लोगों इस जगह का महत्व और अधिक बढ़ गया है.
आर्थिक स्थिति में सुधार
शिक्षा के प्रति जागरूकता का ही परिणाम है कि पंचायत के कई युवक व महिलाएं अब सरकारी नौकरी कर रहे हैं, इससे उनके आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आयी है. स्थानीय लोगों ने बताया कि पंचायत के दो युवक हाल ही में बैंक पीओ तो एक रेलवे में गार्ड के रुप में नियुक्त हुए हैं. वहीं कई लोको पायलट, टीसी, एसएसबी, बीएसएफ व सीआइएसएफ में नियुक्त होकर पंचायत का शान बढ़ाये हैं. साथ ही करीब आधा दर्जन महिलाओं की नियुक्ति शिक्षिका के रुप में हुई है तो दर्जनों युवक कई अच्छे निजी कंपनियों में बतौर इंजीनियर कार्यरत हैं.
तीन मध्य व एक प्राथमिक विद्यालय
पंचायत में अब तीन मध्य व एक प्राथमिक विद्यालय हैं. विद्यालयों में सरकार प्रायोजित एमडीएम, पोशाक व छात्रवृत्ति समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिलने से लगातार स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है. इससे यह प्रतीत होता है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है.
पंचायत भवन व पैक्स गोदाम
पंचायत में पंचायत भवन व पैक्स गोदाम का भी निर्माण हुआ है, जिसके चलते किसानों व आम लोगों को काफी सुविधा मिल रही हैं. इधर बगही व मसहां आलम गांव में अब भी 60 फीसदी कच्ची सड़क पीसीसी निर्माण की राह देख रही है. 13 में से 11 वार्डों में बिजली सुविधा मिल रही है, पर वार्ड आठ व नौ में अब भी बिजली की सुविधा लोगों को नसीब नहीं हैं. 13 में से 12 वार्ड में अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्र खुले हैं. करीब 300 अनुसूचित जाति परिवार को इंदिरा आवास का लाभ मिल रहा है.
