पीड़िता का मेडिकल कराने को आदेश जरूरी नहीं

पीड़िता को कम से कम समय रिमांड होम या अल्पावास गृह में रहना पड़े सीतामढ़ी : गुमशुदगी व अपहरण के मामले में बरामदगी के बाद पीड़िता को कई दिनों तक रिमांड होम में रहना पड़ता है, जबकि पुलिस व मेडिकल विभाग पूरी तरह सतर्क हो जाये तो यह संभव है कि काफी कम समय पीड़िता […]

पीड़िता को कम से कम समय रिमांड होम या अल्पावास गृह में रहना पड़े

सीतामढ़ी : गुमशुदगी व अपहरण के मामले में बरामदगी के बाद पीड़िता को कई दिनों तक रिमांड होम में रहना पड़ता है, जबकि पुलिस व मेडिकल विभाग पूरी तरह सतर्क हो जाये तो यह संभव है कि काफी कम समय पीड़िता को रिमांड होम या अल्पावास गृह में रहना पड़ेगा.
इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श हुआ. रविवार को समाहरणालय के सभागार में किशोर न्याय परिषद व बचपन बचाव आंदोलन के तहत मासिक कार्यशाला हुआ. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में संपन्न उक्त कार्यशाला में बंधुआ मजदूरी, बालश्रम व मानव तस्करी पर रोक लगाने के साथ ही बच्चों को शिक्षा देने आदि मुद्दों पर विमर्श किया गया. कार्यशाला की अध्यक्षता एडीजे द्वितीय अशोक कुमार गुप्ता ने की.
24 घंटे में मेडिकल रिपोर्ट दें
गुमशुदगी व अपहरण से संंबंधित पीड़िता की बरामदगी के बाद उसे कई दिनों तक रिमांड होम में रखने के सवाल को गंभीरता से लिया गया.
पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल कराने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा रिपोर्ट देने में एक सप्ताह तक का समय लगा दिया जाता है. वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी का कहना था कि पुलिस के द्वारा मांगपत्र एक दिन बाद दिया जाता है. दोनों विभागों की बातों को सुनने के बाद एडीजे गुप्ता व अन्य न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि बरामदगी के मामले में
अनुसंधानकर्ता यह निर्णय लेने में सक्षम है कि पीड़िता का पहले मेडिकल करा लें, इसके लिए आदेश की बाध्यता नहीं है.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को अविलंब मेडिकल की प्रक्रिया पूरी कर पुलिस को रिपोर्ट देने को कहा गया ताकि बरामद पीड़िता को अकारण रिमांड होम या अल्पावास गृह में न रहना पड़े. किशोरावस्था के संबंध में न्यायिक अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि यह जीवन का ऐसा चौराहा होता है, जहां से कई रास्तों में जाने का मार्ग प्रशस्त होता है. जरूरत है ऐसे किशोरों पर ध्यान देने की, जिससे वे सही मार्ग पर चल सके. इसके लिए सबों का सहयोग अपेक्षित है.
मौके पर सीजेएम राम बिहारी, एसीजेएम सह सचिव राजकुमार रविदास, एसीजेएम मो रुस्तम, एसडीसी गोपाल शरण, एएसपी राजीव रंजन, डीपीओ सुरेश प्रसाद, श्रम अधीक्षक विनोद कुमार, डुमरा पीएचसी प्रभारी डाॅ कामेश्वर प्रसाद, सदस्य सत्येंद्र सिंह, नीलू कुमारी, थानाध्यक्ष विशाल आनंद व छोटन कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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