काम करते हैं दिन भर, मजदूरी 75 रुपया फोटो नंबर- 17 तैनात कर्मी — यह हाल है पल्स पोलियो अभियान में लगे कर्मियों का — कम मजदूरी के चलते हीं एक अभियान के बाद काम नहीं करते हैं लोगबोखड़ा . पल्स पोलियो अभियान में बच्चों को खुराक पिलाने के लिए लगाये गये टीका कर्मियों को दैनिक मजदूरी के रूप में 75 रुपया मिलता है. यह सुन कर भले हीं कुछ अजीब लगता होगा, पर सरकारी रिपोर्ट इस बात का गवाह है. राज्य सरकार के स्तर से दैनिक मजदूरी के रूप में 250 से 300 रुपये निर्धारित है, लेकिन राज्य सरकार का ही स्वास्थ्य विभाग उक्त आदेश का अनुपालन नहीं कर रहा है और लोगों से 75 रुपया दैनिक मजदूरी पर काम लिया जा रहा है. — काम छोड़ देते हैं लोग खड़का चौक पर बच्चों को खुराक देने के लिए तैनात कर्मी कौशल कुमार व आशीष ने बताया कि 75 रुपया बतौर दैनिक मजदूरी मिलता है. हर बैठक में कम मजदूरी का मामला उठाया जाता है. आश्वासन दिया जाता है कि अगले अभियान में पैसा बढ़ा दिया जायेगा, लेकिन पांच-छह वर्षों से दैनिक मजदूरी 75 रुपया हीं है. कम पैसा मिलने के चलते हीं अधिकांश लोग एक अभियान के बाद नहीं आते हैं. पुन: अगले अभियान में नये लोगों को रखा जाता है. — मॉनीटर का है कहना मॉनीटर कृष्ण कुमार कहते हैं कि कर्मियों को पैसा कम मिलता है, इसमें कोई दो मत नहीं है. कभी-कभी अभियान में टीका कर्मी कम पड़ जाते हैं तो स्कूली बच्चों से मदद लेनी पड़ती है. — पीएचसी प्रभारी का है कहना पीएचसी प्रभारी डा एजाज अहमद ने बताया कि डब्ल्यूएचओ के स्तर से ही टीका कर्मियों के लिए दैनिक मजदूरी 75 रुपया निर्धारित है. हर बैठक में यह मामला उठाया जाता है. बावजूद दैनिक मजदूरी में अब तक बढ़ोतरी नहीं की गयी है.
काम करते हैं दिन भर, मजदूरी 75 रुपया
काम करते हैं दिन भर, मजदूरी 75 रुपया फोटो नंबर- 17 तैनात कर्मी — यह हाल है पल्स पोलियो अभियान में लगे कर्मियों का — कम मजदूरी के चलते हीं एक अभियान के बाद काम नहीं करते हैं लोगबोखड़ा . पल्स पोलियो अभियान में बच्चों को खुराक पिलाने के लिए लगाये गये टीका कर्मियों को […]
