कार्यालयों में कर्मियों की काफी कमी

कार्यालयों में कर्मियों की काफी कमी फोटो नंबर- 5 — प्रखंड व अंचल कार्यालयों का बुरा हाल– राज्य सरकार नियुक्ति को नहीं हैं गंभीर सीतामढ़ी . समाहरणालय संवर्ग के कर्मियों की संख्या में दिन व दिन कमी आती जा रही है. करीब-करीब हर दो-चार माह पर एक-दो कर्मी रिटायर हो रहे हैं, जबकि रिक्त पदों […]

कार्यालयों में कर्मियों की काफी कमी फोटो नंबर- 5 — प्रखंड व अंचल कार्यालयों का बुरा हाल– राज्य सरकार नियुक्ति को नहीं हैं गंभीर सीतामढ़ी . समाहरणालय संवर्ग के कर्मियों की संख्या में दिन व दिन कमी आती जा रही है. करीब-करीब हर दो-चार माह पर एक-दो कर्मी रिटायर हो रहे हैं, जबकि रिक्त पदों पर नयी नियुक्ति नहीं हो रही है. संविदा पर रिटायर कर्मियों को रह कर काम लिया जा रहा है. — दिसंबर में चार होंगे रिटायर दिसंबर 15 में समाहरणालय संवर्ग के चार कर्मी रिटायर होने वाले हैं. इनके पदों पर नयी बहाली की दूर-दूर तक कोई संभावना नजर नहीं आ रही है. सूत्रों ने बताया कि सबसे गंभीर स्थिति जनवरी से शुरू होगी जब एक साथ 10 कर्मी सेवानिवृत्त होंगे. हालांकि कुछ हद तक राहत की बात है कि रिटायर होने वाले कर्मियों में से कुछ संविदा पर आने को इच्छुक हैं. वैसे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सेवानिवृत्त होने के बाद कौन-कौन से कर्मी पुन: संविदा पर बहाल होने को इच्छुक हैं. — 100 से अधिक पत्र रिक्त एक रिपोर्ट के अनुसार समाहरणालय संवर्ग के कर्मियों का 309 पद स्वीकृत है. कभी इन सभी पदों पर कर्मी बहाल थे. फिलहाल 200 कर्मी है. बताया गया है कि संविदा पर बहाली के बावजूद कर्मियों के सभी रिक्त पदों को भर पाना संभव नहीं है. इसके लिए नयी नियुक्ति करनी ही होगी. — काम के बोझ से लदे हैं कर्मी वर्षों पूर्व तक केंद्र व राज्य सरकार की योजनाएं सीमित थी. काम भी कम था. यानी जितना काम था, उसके अनुरूप कर्मी थे. कोई परेशानी नहीं होती थी. हाल के वर्षों में केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं व कार्यक्रमों में बेतहाशा वृद्धि हुई है. उसके अनुपात में कर्मियों की नयी बहाली तो दूर रिक्त पदों पर भी नयी बहाली नहीं की जा सकी है. यही कारण है कि काम के बोझ से कर्मी लदे हुए हैं और जैसे-तैसे अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं. — कर्मी रहते हैं बेचैन एक तो कर्मी की कमी और ऊपर से काम का बोझ. ऐसे में किसी कर्मी की स्थिति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है. अक्सर कर्मी बेचैन ही दिखते हैं. कभी-कभी इनकी बेचैनी तब बढ़ जाती है जब अधिकारी के स्तर से किसी फाइल को तुरंत करके देने का निर्देश दिया जाता है. बता दें कि समय पर काम नहीं कर पाने के आरोप में कर्मियों पर कार्रवाई भी होती रहती है. — संविदा कर्मियों से राहत बता दें कि समाहरणालय के विभिन्न कार्यालयों के अलावा अनुमंडल, प्रखंड व अंचल कार्यालयों में फिलहाल 10 कर्मी संविदा पर बहाल हैं. जनवरी 15 तक ऋषिकेश प्रसाद, सिद्धेश्वर पंडित, चंदेश्वर पंडित, नागेंद्र चौधरी, योगेश कुमार श्रीवास्तव, रामकिशोर यादव व ओम प्रकाश गुप्ता समेत 14 कर्मी रिटायर होने वाले हैं. इनमें से कई संविदा पर बहाल होने के लिए तैयार हैं, जैसी चर्चा की जा रही है. सूत्रों ने बताया कि ऋषिकेश श्रीवास्तव व राम किशोर यादव के संविदा पर बहाल होने की कम उम्मीद है. कारण कि दोनों खुद इच्छुक नहीं है. बहरहाल, जनवरी में ही यह तय हो जायेगा कि कौन-कौन कर्मी संविदा पर बहाली को इच्छुक है. बता दें कि संविदा कर्मियों से प्रशासन को काफी राहत मिल रही है. अगर कर्मी संविदा पर बहाल न हो तो कार्यालयों में काम की गति काफी धीमी पड़ जायेगी.

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