पर्यवेक्षिका की संविदा का नवीकरण आसान नहीं फोटो नंबर-21 व 22 डीएम व अन्य अधिकारी केंद्रों के पर्यवेक्षण के आधार पर होगा नवीकरण का निर्णय डुमरा. समाहरणालय में मंगलवार को डीएम राजीव रौशन ने समेकित बाल विकास परियोजना की समीक्षा बैठक की. इस दौरान पोषाहार की राशि 50 फीसदी से कम खर्च किये जाने पर डीएम ने नाराजगी जतायी और सभी सीडीपीओ को शीघ्र गुणवत्ता पूर्वक राशि खर्च करने का निर्देश दिया. कम खर्च के लिए बथनाहा, मेजरगंज, परसौनी, डुमरा ग्रामीण व सोनबरसा सीडीपीओ को जिम्मेदार माना गया. हर माह 60 केंद्रों का निरीक्षण डीएम ने सभी पर्यवेक्षिका को एक माह में 60 केंद्रों का निरीक्षण करने को कहा. अब निरीक्षण रिपोर्ट पर ही पर्यवेक्षिका की संविदा का नवीकरण किया जायेगा. सभी सीडीपीओ को सबसे बेहतर व सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली एक-एक पर्यवेक्षिका के नामों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. पर्यवेक्षिका की जिम्मेवारी बाल कुपोषण के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध वाटर फिल्टर, वजन मशीन के अलावा अन्य सामग्री का सत्यापन पर्यवेक्षिका करेंगी, जबकि केंद्रों पर योजनाओं की जानकारी, लाभुकों की सूची व संपर्क नंबर प्रदर्शित कराने का सत्यापन प्रतिवेदन सीडीपीओ उपलब्ध करायेगी. आंगनबाड़ी के रिक्त पदों व भवनहीन केंद्रों को भवन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गयी है. 1177 केंद्रों के लिए भूमि चयनितप्रभारी डीपीओ चंदन चौहान ने बताया कि 1177 केंद्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि चिह्नित कर लिया गया है, जिसमें से 443 भूमि का एनओसी भी प्राप्त हो चुका है. श्री चौहान ने बताया कि परिहार के 108 केंद्रों के भवन के लिए भूमि का एनओसी मिल चुका है. इसी तरह रून्नीसैदपुर के 119, पुपरी के आठ, बाजपट्टी के 25, बथनाहा के 21, बैरगनिया के दो, मेजरगंज के एक, परसौनी के 15, चोरौत व रीगा के 12-12, सुरसंड के 69, डुमरा ग्रामीण के 39, सोनबरसा के 13, सुप्पी के सात, बेलसंड के 10, नानपुर व बोखड़ा के छह-छह केंद्रों के लिए भूमि का एनओसी मिल चुका है. बैठक में डीपीएम स्वामी विवेकानंद समेत सभी सीडीपीओ मौजूद थी.
पर्यवेक्षिका की संविदा का नवीकरण आसान नहीं
पर्यवेक्षिका की संविदा का नवीकरण आसान नहीं फोटो नंबर-21 व 22 डीएम व अन्य अधिकारी केंद्रों के पर्यवेक्षण के आधार पर होगा नवीकरण का निर्णय डुमरा. समाहरणालय में मंगलवार को डीएम राजीव रौशन ने समेकित बाल विकास परियोजना की समीक्षा बैठक की. इस दौरान पोषाहार की राशि 50 फीसदी से कम खर्च किये जाने पर […]
