सीतामढ़ी : ऑब्सैट्रटिक एंड गाइनेकोलोजिकल सोसाइटी के तत्वावधान में शहर स्थित ‘लता नर्सिंग होम’ में ‘महिलाओं के गर्भाशय के उपचार की नवीनतम विधि’ पर रविवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन महिला चिकित्सकों ने दीप प्रज्वलित कर किया.
मुख्य अतिथि व वक्ता के रूप में चितरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान कोलकाता के कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ रंजीत मंडल मौजूद थे. डाॅ मंडल करीब 20 वर्षों से गर्भाशय के कैंसर के निदान व उपचार पर शोध कर रहे हैं. उन्होंने कैंसर के विभिन्न कारणों को उल्लेख करने के साथ ही इसके इलाज में कोल्पोस्कोप यंत्र की उपयोगिता पर प्रकाश डाला.
कहा कि हर महिला को 40 वर्ष की अवस्था में पहुंचने पर अपने जीवन काल में कम से कम एक बार गर्भाशय की जांच करा लेनी चाहिए. ताकि अगर कैंसर का कोई लक्षण हो तो शुरू में ही पता चल जाये और उसका उपचार हो सके.
24 के गर्भाशय की जांच कैंसर जांच शिविर में 24 महिलाओं के गर्भाशय की जांच की गयी और संबंधित महिलाओं को उचित सलाह दिया गया. चार महिलाओं की जांच हिस्ट्रोस्कोपी के द्वारा की गयी. कार्यशाला की प्रभारी डाॅ लता गुप्ता ने बताया कि सीतामढ़ी महिला चिकित्सक संघ की अध्यक्ष डाॅ वीणा गुप्ता व उपाध्यक्ष डाॅ अंजु सिंह के नेतृत्व में इस तरह के और भी कार्यक्रम व कार्यशाला आयोजित किये जायेंगे.
इनकी रही मौजूदगी शिविर में डाॅ सुधा झा, डाॅ प्रतिमा आनंद, डाॅ विमला सिन्हा, डाॅ सुषमा सिंह, डाॅ संगीता झा, डाॅ नूतन सिंह, डाॅ अनिता सिंह, डाॅ अलका कुमारी, डाॅ सोनी कुमारी, डाॅ सुनीता कुमारी, डाॅ धनंजय प्रकाश, दरभंगा की डाॅ पूनम कुमार मिश्रा, डाॅ मीरा कुमारी व डाॅ ज्योति समेत अन्य महिला व पुरुष चिकित्सक मौजूद थे. कार्यशाला को सफल बनाने में बोर्ज कंपनी के संदीप, ज्वाला कुमार, मैन काइंड व सोलवेट कंपनी के प्रतिनिधियों का सराहनीय योगदान रहा.
