टायर जला प्रदर्शन, सरकार विरोधी नारे लगे

टायर जला प्रदर्शन, सरकार विरोधी नारे लगे फोटो नंबर- 19 व 20 सिरसियां व गरूड़ा में टायर जला प्रदर्शन करते लोग मधेशियों का आंदोलन 98 वें दिन भी जारी बंद का नजरअंदाज करने पर छह बाइक में तोड़फोड़ बैरगनिया. सीमा पार नेपाल के गौर में मधेशियों का आंदोलन शनिवार को 98 वें दिन भी जारी […]

टायर जला प्रदर्शन, सरकार विरोधी नारे लगे फोटो नंबर- 19 व 20 सिरसियां व गरूड़ा में टायर जला प्रदर्शन करते लोग मधेशियों का आंदोलन 98 वें दिन भी जारी बंद का नजरअंदाज करने पर छह बाइक में तोड़फोड़ बैरगनिया. सीमा पार नेपाल के गौर में मधेशियों का आंदोलन शनिवार को 98 वें दिन भी जारी रहा. भारत-नेपाल सीमा पर नाकेबंदी कर धरना दिया. वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप है. आंदोलन और तेज होने से हर वर्ग के लोगों को किसी न किसी रूप में परेशानी उठानी पड़ रही है. सरकार के रुख में अब तक कोई बदलाव नहीं आया है. इसी कारण मधेशियों द्वारा उग्र होकर आंदोलन किया जा रहा है. सिरसियां चौक पर प्रदर्शन एमाले के पूर्व नेता रेवंत झा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिरसियां चौक पर टायर जला कर प्रदर्शन किया. बंद का उल्लंघन करने पर छह बाइक चालकों से सख्ती से निबटा गया है. बाइकों में तोड़फोड़ की गयी. मौके पर अरुण कुमार सिंह, काशी लाल चौधरी, जितेंद्र सिंह, विकास दास व विवेक दास समेत अन्य मौजूद थे. वही, गरूड़ा बाजार पर भी मुख्य सड़क पर टायर जला कर प्रदर्शन किया गया. सरकार विरोधी नारे लगाये गये. इधर आंदोलन के चलते गौर में सारी दुकानें बंद रही. वाहन भी नहीं चले. लगातार बंदी से खास कर वैसे लोगों की परेशानी बढ़ गयी है जो मजदूरी पर निर्भर है. ऐसे लोगों के पेट पर आफत आ गयी है. बड़ी संख्या में लोग पंजाब व दिल्ली जैसे शहरों में कमाने के लिए पलायन कर रहे हैं. आंदोलन के चलते नेपाल में रसोइ गैस व अन्य अनिवार्य सामग्री के लिए हाहाकार मचा हुआ है. लोग लकड़ी पर खाना बनाने को मजबूर है. आंदोलन में सहयोग करेंसद्भावना पार्टी के जिलाध्यक्ष शेख जमशेद व तराइ मधेश लोकतांत्रिक के केंद्रीय नेता अनिल सिंह ने जारी बयान में कहा है कि बंदी का उल्लंघन कर डीजल व अन्य सामग्री लाने वालों के साथ सख्ती से पेश आया जायेगा. इस लिहाज से ऐसे लोग कोई ऐसा काम न करें, जिससे कि आंदोलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े. दोनों नेताओं ने आम लोगों से आंदोलन में सहयोग की अपेक्षा की है. 101 सदस्यीय संघर्ष समिति इधर, आंदोलन को सशक्त व धारदार बनाने के लिए मुरबलवा गांव में 101 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया गया,जिसके संयोजक विंदेश्वर यादव व पूर्व सांसद रंभा देवी को सह संयोजक बनाया गया. सदस्य के रूप में संत लाल साह व रामविलास प्रसाद समेत अन्य शामिल किये गये हैं.

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