कैसे समय गुजर जाता है, पता नहीं चलता

कैसे समय गुजर जाता है, पता नहीं चलता फोटो नंबर- 12 अवर निरीक्षक एनके झा, 13 सेवानिवृत्त अवर निरीक्षक आरके झाबोखड़ा. बाहर नौकरी-पेशा करने वाले बहुत से लोग छठ पर्व में गांव आये हुए हैं. इनमें प्रखंड के खड़का गांव निवासी नवल किशोर झा व राम कुमार झा भी शामिल हैं. एनके झा उत्पाद विभाग […]

कैसे समय गुजर जाता है, पता नहीं चलता फोटो नंबर- 12 अवर निरीक्षक एनके झा, 13 सेवानिवृत्त अवर निरीक्षक आरके झाबोखड़ा. बाहर नौकरी-पेशा करने वाले बहुत से लोग छठ पर्व में गांव आये हुए हैं. इनमें प्रखंड के खड़का गांव निवासी नवल किशोर झा व राम कुमार झा भी शामिल हैं. एनके झा उत्पाद विभाग में अवर निरीक्षक हैं. वे कहते हैं कि कम से कम छठ पर्व में मां व पूरे परिवार के साथ घर पर जरूरत रहते हैं. यहां आने पर गांव के लोगों से मिल कर बड़ी खुशी होती है. गांव गांव की मिट्टी की खुशबू और लोगों से मिले प्रेम व प्यार से छठ पर्व का चार दिन कैसे गुजर जाता है, पता ही नहीं चलता. इधर, राम कुमार झा सीबीआइ में अवर निरीक्षक थे. सेवानिवृत्त होने के बाद धनबाद में रहते हैं. वे कहते हैं कि छठ पर्व में एक बार धनबाद में रहने का मौका मिला था. शहर व वहां के लोगों से अपरिचित होने के कारण छठ जैसे पर्व में भी अपने को सुना-सुना पाया. इसी कारण अब किसी भी वर्ष छठ में घर पर आना नहीं भूलते. गांव पर आने पर समाज के लोगों से मिलना-जुलना भी हो जाता है.

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