ध्वस्त हो गया एनडीए का जातीय समीकरण सीतामढ़ी. सीतामढ़ी विस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुनील कुमार पिंटू के हार का कारण भाजपा समर्थकों में वोट के प्रति उदासीनता मानी जा रही है. इसके अलावा 2014 के लोकसभा चुनाव की अपेक्षा विस चुनाव में जातीय समीकरण भी ध्वस्त हो गया. लोस चुनाव में रालोसपा प्रत्याशी रामकुमार शर्मा के पक्ष में जिले के कुशवाहा जाति ने पूरी तरह गोलबंद होकर मतदान किया था. इस दफा सीतामढ़ी विस क्षेत्र में कुशवाहा जाति का वोट एनडीए से दरक कर महागंठबंधन के पक्ष में पूरी तरह गोलबंद हो गया. इसका एक कारण महागंठबंधन की सूझबूझ भी मानी जा रही है. कहा जा रहा है कि, जिले के सभी विस क्षेत्र की अपेक्षा सीतामढ़ी विस में जातीय गोलबंदी व संख्या के हिसाब से माई समीकरण सबसे मजबूत स्थिति में है. इस दफा महा गंठबंधन किसी भी स्थिति में भाजपा का गढ़ माने जाने वाले सीतामढ़ी विस क्षेत्र को ध्वस्त करना चाहता था. इस कारण माई समीकरण को मजबूत करने के लिए सूझबूझ के साथ टिकट बंटवारा करते हुए कुशवाहा जाति से आने वाले मिलनसार, मृदुल व बेदाग छवि के सुनील कुमार को राजद का टिकट दिया गया. महा गंठबंधन का यह जुआ पूरी तरह सटीक बैठा. यादव, मुसलमान व कुशवाहा जाति ने पूरी तरह गोलबंद होकर सुनील के पक्ष में मतदान किया. इसके अलावा महा गंठबंधन के पक्ष में पड़ने वाले मतदान केंद्रों पर वोट का प्रतिशत भी भाजपा की अपेक्षा अधिक रहा. भाजपा समर्थकों में मतदान को लेकर उदासीनता देखी गयी. इसके कारणों को लेकर अलग-अलग व्याख्या की जा रही है.
ध्वस्त हो गया एनडीए का जातीय समीकरण
ध्वस्त हो गया एनडीए का जातीय समीकरण सीतामढ़ी. सीतामढ़ी विस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुनील कुमार पिंटू के हार का कारण भाजपा समर्थकों में वोट के प्रति उदासीनता मानी जा रही है. इसके अलावा 2014 के लोकसभा चुनाव की अपेक्षा विस चुनाव में जातीय समीकरण भी ध्वस्त हो गया. लोस चुनाव में रालोसपा प्रत्याशी रामकुमार […]
