प्रेरकों की दिवाली रहेगी फिकी 543 प्रेरक व 34 समन्वयक व लेखा समन्वयक का हालवेतन मद में काफी कम मिला है आवंटन सीतामढ़ी. जिले में 543 प्रेरक हैं जो मानदेय भुगतान के लिए परेशान हैं. एक तो मानदेय कम है और वह भी समय से नहीं मिल पाता है. यह हाल काफी पूर्व से बना हुआ है. बावजूद प्रेरक अपने कर्तव्यों के पालन में कोई कोताही नहीं बरतते हैं, मगर सरकार को मानों प्रेरकों की दुर्दशा से कोई लेना-देना नहीं है. शायद यही कारण है कि 10 माह का मानदेय बकाया है और सरकार मात्र दो माह के भुगतान के लिए आवंटन दी है. चार हजार में दीवाली व छठ एक प्रेरक को दो हजार रुपये मानदेय मिलता है. इस तरह प्रेरकों को दो माह का मानदेय चार हजार मिलने वाला है. इसी पैसे से उन्हें अपने परिवार के साथ दीवाली व छठ मनाना है. जिला से मानदेय मद में प्रखंडों को पैसा भेजा जा चुका है. एक-दो दिन में बैंक से भुगतान नहीं मिल पाया तो उनकी दीपावली फिकी ही रहेगी. छठ में उक्त पैसे से कुछ हद तक राहत मिलेगा. नहीं मिला पूरा आवंटन प्रखंडों में कुल 34 समन्वयक व लेखा समन्वयक हैं. उनका मानदेय 27 माह से लंबित है. सरकार ने इनके मानदेय भुगतान के लिए भी मात्र एक माह का आवंटन दी है. बता दें कि समन्वयक का मानदेय तीन हजार है. सूत्रों ने बताया कि मानदेय ही नहीं, बल्कि अन्य मदों की राशि भी समय पर नहीं मिल पाती है. ऐसी बात नहीं कि राशि नहीं रहती है. पैसा उपलब्ध रहने के बावजूद ऐसा कभी नहीं हुआ है कि समय पर भुगतान हुआ हो. जिला समन्वयक का है कहना जिला समन्वयक आशा कुमारी ने कहा कि प्रेरक के मानदेय भुगतान के लिए दो माह व समन्वयक के एक माह की राशि भेजी गयी है. पूरा आवंटन नहीं मिलने के अभाव में मानदेय का भुगतान लंबित चल रहा है.
प्रेरकों की दिवाली रहेगी फिकी
प्रेरकों की दिवाली रहेगी फिकी 543 प्रेरक व 34 समन्वयक व लेखा समन्वयक का हालवेतन मद में काफी कम मिला है आवंटन सीतामढ़ी. जिले में 543 प्रेरक हैं जो मानदेय भुगतान के लिए परेशान हैं. एक तो मानदेय कम है और वह भी समय से नहीं मिल पाता है. यह हाल काफी पूर्व से बना […]
