राजद के प्रदेश अध्यक्ष हारे

डॉ रामचंद्र पूर्वे का तजुर्बा भी नहीं आया काम लालू प्रसाद की उम्मीदों पर फिरा पानी सीतामढ़ी : जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रत्याशियों की हार हुई है, पर सोनबरसा विस क्षेत्र से राजद प्रत्याशी डॉ रामचंद्र पूर्वे का चुनाव में पराजय का सामना करना बड़ी बात मानी जा रही […]

डॉ रामचंद्र पूर्वे का तजुर्बा भी नहीं आया काम
लालू प्रसाद की उम्मीदों पर फिरा पानी
सीतामढ़ी : जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रत्याशियों की हार हुई है, पर सोनबरसा विस क्षेत्र से राजद प्रत्याशी डॉ रामचंद्र पूर्वे का चुनाव में पराजय का सामना करना बड़ी बात मानी जा रही है. डॉ पूर्वे का भाजपा प्रत्याशी से मात खा जाना, इस लिहाज से भी बड़ी बात है कि वे राजद के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं.
जीत की काफी उम्मीद
पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद को उम्मीद थी कि डॉ पूर्वे निश्चित तौर पर सफल होंगे, पर ऐसा संभव नहीं हो सका. माना जा रहा है कि अपनी जीत के प्रति आशान्वित रहने के चलते ही डॉ पूर्वे ने उम्र के इस पड़ाव में भी चुनाव में आने का निर्णय लिया था. जानकारों की माने तो अब उनकी विधायकी पर ब्रेक लग गयी. उनकी हार से स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता काफी मायूस हैं.
तीन बार जीते, दो बार हारे
डॉ पूर्वे सोनबरसा विस क्षेत्र से सबसे पहले वर्ष 2000 में चुनाव जीते थे और सूबे में संसदीय कार्य मंत्री व लघु सिंचाई मंत्री बने थे. वर्ष 2005 के चुनाव में मो हीरा खां को तो उप चुनाव में मो आजम को मात दिये थे. वर्ष 2010 में भाजपा के रामनरेश यादव से चुनाव हार गये थे.
एक मामले में श्री यादव को कोर्ट से सजा हो जाने के चलते वे इस बार अपनी पत्नी गायत्री देवी को डॉ पूर्वे के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा था. डॉ पूर्वे मात्र 4017 मतों के अंतर से हारे हैं. बता दें कि 1987 में विधान पार्षद बने थे. डॉ पूर्वे 1990 में लालू प्रसाद की सरकार में मंत्री थे. वर्ष 1995 में भी उन्हें मंत्री बनाया गया था.

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