पुपरी : सीतामढ़ी-दरभंगा रेलखंड के आवापुर हॉल्ट के समीप मंगलवार को लाइट इंजन की टक्कर से कार में सवार मो मुश्ताक की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने तकरीबन आठ घंटे तक रेल का परिचालन बंद करने पर मजबूर कर दिया. घटना से आक्रोशित होकर स्थानीय लोग पटरी पर उतर गये. नारेबाजी करते हुए वे डीआरएम को बुलाने की मांग कर रहे थे.
इस कारण इंजन में फंसे कार को नहीं निकाला जा सका. रेल परिचालन घटना के वक्त तकरीबन 3.30 बजे से रात्रि 11.30 बजे तक बंद रहा. इस कारण सवारी गाड़ी 55507 व 55510 का परिचालन रेलखंड पर बंद रहा. रेल अधिकारियों का प्रयास रहा विफल घटना की सूचना पर स्थानीय प्रशासन के अलावा विभाग के एडीआरएम व डीएसओ समेत कई आलाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे.
आक्रोशित लोगों को समझाने का अधिकारियों ने अथक प्रयास किया, किंतु सफलता नहीं मिली. थक-हार कर अधिकारियों ने एसपी हरि प्रसाथ एस से मदद मांगी. एसपी ने स्थल पर पहुंच कर काफी समझदारी से लोगों को समझा कर शांत किया. तब जाकर इंजन में फंसे कार को निकालने की प्रक्रिया आरंभ की गयी. मृतक को मिला मुआवजा परिचालन शुरू होने से पूर्व मृतक मौलाना मुश्ताक के परिजन को मुख्यमंत्री राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के तहत बीस हजार व कबीर अंत्येष्टि के तहत तीन हजार रुपया नगद दिया गया. वहीं अप्राकृतिक दुर्घटना योजना के तहत डेढ़ लाख रुपया देने की अनुशंसा की गयी. एडीआरएम ने एक सप्ताह के अंदर समपार फाटक पर एक गेट मैन की नियुक्ति करने का आश्वासन दिया. मामला शांत होने के बाद थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
