sitamarhi news : बेलसंड एसएफसी गोदाम में 1400 बोरा खाद्यान्न बर्बाद

बेलसंड एसएफसी गोदाम में गत वर्ष बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से बड़ी मात्रा में खाद्यान्न के बर्बाद होने की आशंका जाहिर की गयी है.

सीतामढ़ी. बेलसंड एसएफसी गोदाम में गत वर्ष बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से बड़ी मात्रा में खाद्यान्न के बर्बाद होने की आशंका जाहिर की गयी है. इस संबंध में एजीएम ने बेलसंड एसडीओ समेत अन्य अधिकारी को पत्र भेजकर गोदाम का भौतिक सत्यापन करने व बर्बाद खाद्यान्न का आंकलन करने का आग्रह किया है. बता दें कि उक्त गोदाम प्रखंड कार्यालय परिसर में है.

— 29 सितंबर 2024 को आयी थी बाढ़

एजीएम ने एसडीओ व जिला के पदाधिकारियों को अवगत कराया है कि 29 सितंबर 2024 की देर शाम में खाद्यान्न की आपूर्ति बंद कर दिया गया था. उसी रात प्रखंड के मधकौल गांव के पास बागमती का तटबंध टूटा था, जिसका पानी प्रखंड क्षेत्र के गांवों में तेजी से फैला था. यह पानी पर प्रखंड कार्यालय, अनुमंडल, अंचल, बिस्कोमान गोदाम व अन्य कार्यालयों के साथ ही पदाधिकारियों के आवास में प्रवेश कर गया था. एजीएम ने बताया है कि बाढ़ का पानी एसएफसी गोदाम में भी प्रवेश कर गया था. एक अक्तूबर को बाढ़ का पानी का कम होने पर गोदाम पर पहुंचा जा सका था.

— पानी से खाद्यान्न क्षति की जानकारी दी

बताया है कि 29 सितंबर की देर शाम तक खाद्यान्न की आपूर्ति के बाद 4339 बोरियों में 2169.89 क्विं. चावल एवं 2301 बोरियों में 1173.6226 क्विं. गेहूं भंडारित था. बाढ़ के पानी में गोदाम में रखा खाद्यान्न आंशिक रूप से डूबा हुआ था. इससे खाद्यान्न गेहूं व चावल के नुकसान होने की पूर्ण संभावना है. बेलसंड एसडीओ ने दो अक्टूबर को गोदाम का जायजा लिया था. एजीएम ने बर्बाद खाद्यान्न के आंकलन को जरूरी बताया है. वैसे उन्होंने अपने स्तर से 395 बोरा गेहूं व 1030 बोरा चावल के नुकसान होने का अनुमान लगाया है. कहा है कि नुकसान कम हो, इसको लेकर भीगे खाद्यान्न को सुखाया था. फिर भी खाद्यान्न की मात्रा व गुणवत्ता में दिन-प्रतिदिन ह्रास होने की संभावना से उन्होंने इंकार नहीं किया है. कहा है कि अबतक खाद्यान्न क्षति का आंकलन कर वरीय अधिकारी को रिपोर्ट नहीं किया जा सका है. भविष्य में खाद्यान्न के गबन का आरोप नहीं लगे, को लेकर भौतिक सत्यापन कराने का आग्रह किया है. बेलसंड एसएफसी गोदाम के एजीएम ने बताया कि एसडीओ, जिला प्रबंधक व एमओ के स्तर से गोदाम का कई बार निरीक्षण किया गया है, लेकिन किसी के भी स्तर से खाद्यान्न की क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट नहीं किया जा सका है.

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Author: VINAY PANDEY

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