डुमरा कोर्ट :तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद नंदन सिंह ने नाबालिग के अपहरण मामले में सोमवार को नगर थाना क्षेत्र के राजोपट्टी मिल टोला निवासी मो सलामत अली को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ हीं पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया है.
अर्थदंड की राशि नहीं देने पर 15 दिन साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा. न्यायाधीश ने दो अगस्त 2019 को दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मामले में दोषी करार दिया था. मामले में सरकार पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अकील अहमद ने पक्ष रखा. वहीं बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता अखिलेश्वर ने बहस की. मालूम हो कि रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के विष्णुपुर गांव निवासी मो अब्बास ने अपनी 14 वर्षीया नतनी अंगूरी खातून उर्फ फिरोजा खातून के अपहरण की बाबत नौ अप्रैल 2010 को रुन्नीसैदपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया था.
जिसमें कहा था कि उसकी नतनी अपनी बहन के साथ उसके दूसरे कमरे में सोयी थी. रात्रि दो बजे आरोपी नगर थाना क्षेत्र के राजोपट्टी मिल टोला निवासी सलामत अली, मो जबीर व मो कलाम उसके घर पर आया और उसकी नतनी का अपहरण कर ले गया. सूचिका ने आशंका जतायी थी कि उक्त लोग उसकी नतनी की हत्या भी कर सकते हैं.
